Guptottar Kal Mock Test: 100 MCQ Best Quiz

Guptottar Kal Mock Test: गुप्तोत्तर काल के 100 महत्वपूर्ण MCQ

Guptottar Kal Mock Test 100 MCQ Ancient History Quiz

Guptottar Kal Mock Test उन सभी विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी है जो SSC, Railway, UPSC, BPSC, UPPSC, MPPSC, Police, State PCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में Ancient History की तैयारी कर रहे हैं। गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद भारत में जो राजनीतिक परिवर्तन हुए, उन्हें समझना exam point of view से बहुत जरूरी है। इस काल में वर्धन वंश, मौखरी वंश, गौड़ शासक शशांक, चालुक्य-पल्लव संघर्ष, हर्षवर्धन, बाणभट्ट, ह्वेनसांग, नालंदा विश्वविद्यालय और सामंतवाद जैसे topics से बार-बार questions पूछे जाते हैं।

इस article में आपको गुप्तोत्तर काल की basic theory, important facts, MCQ preparation strategy, easy tricks, related mock tests और People Also Ask type questions के clear answers मिलेंगे। Article के अंत में दिए गए Google Form button से आप 100 MCQ वाला Guptottar Kal Mock Test attempt कर सकते हैं और अपनी Ancient History preparation को बेहतर बना सकते हैं।

Exam Target: इस Guptottar Kal Mock Test को देने से पहले नीचे दी गई theory और facts जरूर revise करें। इससे वर्धन वंश, हर्षवर्धन, गुप्तोत्तर राजनीति और ह्वेनसांग से जुड़े questions solve करना आसान होगा।

Table of Contents

Guptottar Kal Mock Test क्यों जरूरी है?

गुप्तोत्तर काल भारतीय इतिहास का वह phase है जिसमें गुप्त साम्राज्य की central authority कमजोर हो गई और उत्तर भारत में कई regional powers का उदय हुआ। इस काल को समझे बिना हर्षवर्धन, कन्नौज का महत्व, राजपूतों का उदय, सामंतवाद और प्रारंभिक मध्यकालीन भारत की राजनीति को समझना मुश्किल है। Exams में इस topic से “गुप्तों के बाद भारत पर किसने शासन किया?”, “वर्धन वंश का संस्थापक कौन था?”, “हर्षवर्धन की राजधानी क्या थी?” जैसे direct questions आते हैं।

Guptottar Kal Mock Test आपकी speed, accuracy और revision को strong बनाता है। 100 MCQ solve करने से आपको तुरंत पता चलता है कि आपकी तैयारी किस level पर है। इस test से आप गुप्तोत्तर काल के प्रमुख वंश, शासक, sources, प्रशासन, literature और धार्मिक स्थिति को एक साथ revise कर सकते हैं।

SSC, Railway, UPSC, State PCS और Static GK exams में Guptottar Kal MCQ, Vardhana Era MCQ, Harshavardhana MCQ, Post Gupta Period, Ancient History MCQ और गुप्तोत्तर काल प्रश्न उत्तर जैसे topics बहुत useful रहते हैं। इसलिए यह article केवल theory नहीं, बल्कि एक complete exam-oriented revision guide है।

Guptottar Kal Mock Test के लिए गुप्तोत्तर काल की Basic Theory

गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद भारत में centralized empire की जगह कई regional kingdoms उभरने लगे। उत्तर भारत में मौखरी, वर्धन, गौड़, बाद के गुप्त, मैत्रक और राजपूत शक्तियाँ सक्रिय हुईं। इसी काल में कन्नौज धीरे-धीरे उत्तर भारत की राजनीति का मुख्य केंद्र बन गया। बाद में कन्नौज पर अधिकार के लिए पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूटों के बीच त्रिपक्षीय संघर्ष भी हुआ।

गुप्तोत्तर काल का सबसे प्रसिद्ध शासक हर्षवर्धन था। वह पुष्यभूति या वर्धन वंश से संबंधित था। वर्धन वंश की प्रारंभिक राजधानी थानेश्वर थी। हर्षवर्धन ने बाद में कन्नौज को अपनी राजधानी बनाया। उसका शासनकाल लगभग 606 ई. से 647 ई. तक माना जाता है। उसके दरबारी कवि बाणभट्ट ने हर्षचरित और कादंबरी की रचना की।

चीनी यात्री ह्वेनसांग हर्षवर्धन के समय भारत आया था। उसने अपनी पुस्तक सी-यू-की में भारतीय समाज, शिक्षा, धर्म, प्रशासन और नालंदा विश्वविद्यालय का वर्णन किया। हर्षवर्धन ने कन्नौज सभा और प्रयाग की महामोक्ष परिषद का आयोजन किया। नर्मदा नदी के तट पर चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने हर्ष को पराजित किया।

Guptottar Kal Mock Test में theory को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि कई questions गुप्तोत्तर काल की political condition, वंशों के sequence, हर्षवर्धन की उपलब्धियों और sources पर आधारित होते हैं।

Guptottar Kal Mock Test के लिए Important Facts

मुख्य काल गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद का समय
प्रमुख वंश वर्धन, मौखरी, बाद के गुप्त, मैत्रक
प्रसिद्ध शासक हर्षवर्धन
वर्धन वंश पुष्यभूति वंश
राजधानी थानेश्वर, बाद में कन्नौज
प्रमुख स्रोत हर्षचरित, सी-यू-की, अभिलेख
चीनी यात्री ह्वेनसांग
दक्षिण सीमा नर्मदा नदी

Guptottar Kal Mock Test में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले facts

  • वर्धन वंश को पुष्यभूति वंश भी कहा जाता है।
  • हर्षवर्धन का राज्यारोहण 606 ई. में हुआ।
  • हर्षवर्धन की प्रारंभिक राजधानी थानेश्वर थी।
  • हर्ष ने बाद में कन्नौज को राजधानी बनाया।
  • बाणभट्ट हर्ष का दरबारी कवि था।
  • ह्वेनसांग ने सी-यू-की नामक यात्रा-वृत्तांत लिखा।
  • पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा के पास हर्ष को हराया।
  • हर्ष की मृत्यु के बाद उत्तर भारत में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी।

गुप्तोत्तर काल के स्रोत और परीक्षा में उनका महत्व

गुप्तोत्तर काल की जानकारी हमें साहित्यिक, विदेशी और अभिलेखीय स्रोतों से मिलती है। साहित्यिक स्रोतों में बाणभट्ट का हर्षचरित और कादंबरी महत्वपूर्ण हैं। हर्षचरित हर्षवर्धन की जीवनी जैसा ग्रंथ है, जिससे वर्धन वंश, प्रभाकरवर्धन, राज्यवर्धन, राज्यश्री और हर्ष के शुरुआती जीवन की जानकारी मिलती है।

विदेशी स्रोतों में चीनी यात्री ह्वेनसांग का विवरण बहुत महत्वपूर्ण है। उसकी पुस्तक सी-यू-की से हर्षकालीन भारत, नालंदा विश्वविद्यालय, धर्म, समाज, शिक्षा और प्रशासन की जानकारी मिलती है। ह्वेनसांग को यात्रियों का राजकुमार भी कहा जाता है।

Guptottar Kal Mock Test में sources से जुड़े questions direct पूछे जाते हैं। जैसे “हर्षचरित किसने लिखा?”, “सी-यू-की किसकी रचना है?”, “ह्वेनसांग किसके समय आया?”, “हर्षवर्धन ने कौन-कौन से नाटक लिखे?” इसलिए sources को अलग notebook में लिखकर revise करें।

Guptottar Kal Mock Test में हर्षवर्धन और वर्धन वंश

वर्धन वंश की स्थापना पुष्यभूति ने थानेश्वर में की थी। प्रभाकरवर्धन इस वंश का शक्तिशाली शासक था। उसके दो पुत्र राज्यवर्धन और हर्षवर्धन तथा पुत्री राज्यश्री थी। राज्यश्री का विवाह मौखरी शासक ग्रहवर्मन से हुआ था। मालवा के देवगुप्त और गौड़ शासक शशांक ने ग्रहवर्मन की हत्या की और राज्यश्री को बंदी बना लिया।

राज्यवर्धन अपनी बहन को बचाने और बदला लेने गया, लेकिन शशांक ने धोखे से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद हर्षवर्धन 606 ई. में राजा बना। उसने अपनी बहन राज्यश्री को बचाया और कन्नौज पर अधिकार स्थापित किया। हर्षवर्धन ने उत्तर भारत के बड़े भाग पर नियंत्रण स्थापित किया, लेकिन दक्षिण में पुलकेशिन द्वितीय ने उसकी विजय यात्रा रोक दी।

Guptottar Kal Mock Test में हर्षवर्धन से जुड़े questions बहुत important हैं। उसके शासनकाल, राजधानी, धार्मिक नीति, कन्नौज सभा, प्रयाग दान, बाणभट्ट, ह्वेनसांग और पुलकेशिन द्वितीय को बार-बार revise करें।

गुप्तोत्तर काल की राजनीति, समाज और अर्थव्यवस्था

गुप्तोत्तर काल में राजनीतिक स्थिति fragmented थी। बड़े साम्राज्य की जगह regional kingdoms का प्रभाव बढ़ा। भूमि दान की प्रथा बढ़ने से सामंतों की शक्ति मजबूत हुई। इससे central authority कमजोर हुई और स्थानीय शासक अधिक प्रभावशाली हो गए। यही process आगे चलकर प्रारंभिक मध्यकालीन सामंतवाद से जुड़ती है।

समाज में वर्ण व्यवस्था मजबूत थी। ब्राह्मणों को भूमि दान मिलता था। बौद्ध और जैन धर्म मौजूद थे, लेकिन ब्राह्मण धर्म और शैव-वैष्णव परंपराओं का प्रभाव भी बढ़ रहा था। हर्षवर्धन शुरू में शैव था, लेकिन बाद में महायान बौद्ध धर्म से प्रभावित हुआ।

अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित थी। भूमि कर, दान, व्यापार और स्थानीय उत्पादन महत्वपूर्ण थे। सिक्कों का उपयोग पहले की तुलना में कम हुआ, जिससे कई इतिहासकार अर्थव्यवस्था में बदलाव और सामंतवाद की ओर संकेत मानते हैं। Guptottar Kal Mock Test में economy और society से जुड़े छोटे terms अक्सर पूछे जाते हैं।

Guptottar Kal Mock Test MCQ Preparation Strategy

गुप्तोत्तर काल की तैयारी करते समय सबसे पहले timeline बनाइए। गुप्त साम्राज्य का पतन, बाद के गुप्त, मौखरी, वर्धन वंश, हर्षवर्धन, ह्वेनसांग और हर्ष के बाद की राजनीतिक स्थिति को क्रम से पढ़ें। इससे events confuse नहीं होंगे।

MCQ practice में similar names पर ध्यान दें। जैसे राज्यवर्धन और हर्षवर्धन, प्रभाकरवर्धन और पुष्यभूति, देवगुप्त और शशांक, बाणभट्ट और ह्वेनसांग, हर्षचरित और सी-यू-की—इन pairs से exams में confusion होता है। Guptottar Kal Mock Test attempt करने के बाद गलत answers को अलग notebook में लिखें।

अगर आप Guptottar Kal MCQ PDF, गुप्तोत्तर काल प्रश्न उत्तर, Vardhana Era Mock Test या Ancient History MCQ search कर रहे हैं, तो पहले short notes बनाएं और फिर full-length quiz दें। इससे active recall और exam confidence दोनों बढ़ेंगे।

Guptottar Kal Mock Test में कौन-कौन से प्रश्न ज्यादा पूछे जाते हैं?

Guptottar Kal Mock Test की तैयारी करते समय विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि exam में केवल हर्षवर्धन का नाम नहीं पूछा जाता। Questions को घुमा कर पूछा जाता है, जैसे “हर्षवर्धन को किसने हराया?”, “ह्वेनसांग किसके समय आया?”, “हर्षचरित किसकी रचना है?”, “कन्नौज किस काल में महत्वपूर्ण केंद्र बना?”

इस topic से questions mainly पाँच हिस्सों से आते हैं। पहला हिस्सा गुप्त साम्राज्य के पतन और बाद के गुप्तों से जुड़ा होता है। दूसरा मौखरी, वर्धन और गौड़ शक्तियों से आता है। तीसरा हर्षवर्धन और उसके शासन से संबंधित होता है। चौथा sources और literature से जुड़ा होता है। पाँचवां समाज, अर्थव्यवस्था और सामंतवाद से संबंधित होता है।

एक MCQ से कई facts revise करें। उदाहरण के लिए, अगर question “हर्षचरित किसने लिखा?” है, तो साथ में याद करें कि लेखक बाणभट्ट था, वह हर्ष का दरबारी कवि था और कादंबरी भी उसी की रचना है। इस तरीके से Guptottar Kal Mock Test complete revision tool बन जाता है।

Guptottar Kal Mock Test के लिए याद रखने की आसान Trick

वर्धन वंश की family trick

प्र-रा-ह-रा = प्रभाकरवर्धन, राज्यवर्धन, हर्षवर्धन, राज्यश्री

प्रभाकरवर्धन पिता थे, राज्यवर्धन और हर्षवर्धन पुत्र थे, और राज्यश्री उनकी बहन थी। इस trick से वर्धन family confuse नहीं होगी।

Sources याद रखने की trick

बा-हर्ष, ह्वेन-सी = बाणभट्ट – हर्षचरित, ह्वेनसांग – सी-यू-की

बाणभट्ट से हर्षचरित याद करें और ह्वेनसांग से सी-यू-की। ये दोनों exam में सबसे ज्यादा पूछे जाते हैं।

हर्षवर्धन facts की easy trick

606-थान-कन्नौज-नर्मदा

606 ई. में हर्ष राजा बना, पहले थानेश्वर था, बाद में कन्नौज राजधानी बनी और नर्मदा के पास पुलकेशिन द्वितीय ने उसे रोका।

गुप्तोत्तर काल से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

गुप्तोत्तर काल के संस्थापक कौन थे?

गुप्तोत्तर काल कोई एक वंश नहीं था, बल्कि गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद का दौर था। इस समय बाद के गुप्त, मौखरी और वर्धन जैसे वंश उभरे।

चंद्रगुप्त प्रथम किसका बेटा था?

चंद्रगुप्त प्रथम को घटोत्कच का पुत्र माना जाता है। यह गुप्त वंश का महत्वपूर्ण शासक था।

चंद्रगुप्त के 9 रत्न कौन हैं?

नवरत्न की परंपरा सामान्यतः चंद्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य से जोड़ी जाती है। इसमें कालिदास, वराहमिहिर, अमरसिंह जैसे विद्वानों के नाम लोकप्रिय हैं।

गुप्त वंश का सबसे प्रसिद्ध राजा कौन था?

समुद्रगुप्त और चंद्रगुप्त द्वितीय गुप्त वंश के सबसे प्रसिद्ध शासक माने जाते हैं।

गुप्तों के बाद भारत पर किसने शासन किया?

गुप्तों के बाद भारत में कई regional powers उभरीं, जैसे बाद के गुप्त, मौखरी, वर्धन, गौड़, मैत्रक और राजपूत शक्तियाँ।

गुप्त वंश का अंतिम राजा कौन था?

मुख्य गुप्त वंश के अंतिम ज्ञात शासक के रूप में विष्णुगुप्त का नाम लिया जाता है।

लिच्छवी राजकुमारी से किसने शादी की?

चंद्रगुप्त प्रथम ने लिच्छवी राजकुमारी कुमारदेवी से विवाह किया था।

गुप्त वंश के प्रसिद्ध राजा कौन थे?

श्रीगुप्त, चंद्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त, चंद्रगुप्त द्वितीय, कुमारगुप्त और स्कंदगुप्त प्रमुख गुप्त शासक थे।

गुप्त काल में भारत कैसा था?

गुप्त काल में भारत कला, साहित्य, विज्ञान और संस्कृति के विकास के कारण स्वर्ण युग कहलाता है।

गुप्त काल का पहला राजा कौन था?

गुप्त वंश का पहला शासक श्रीगुप्त माना जाता है।

हर्षवर्धन के बाद भारत क्या था?

हर्षवर्धन के बाद उत्तर भारत में केंद्रीय सत्ता कमजोर हुई और क्षेत्रीय राजवंशों का प्रभाव बढ़ गया।

गुप्त वंश का आखिरी राजा कौन था?

गुप्त वंश का आखिरी ज्ञात शासक सामान्यतः विष्णुगुप्त माना जाता है।

गुप्तोत्तर काल के स्रोत क्या हैं?

हर्षचरित, कादंबरी, ह्वेनसांग की सी-यू-की, अभिलेख और ताम्रपत्र गुप्तोत्तर काल के प्रमुख स्रोत हैं।

गुप्तोत्तर काल क्या था?

गुप्तोत्तर काल गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद का समय था, जिसमें regional powers और सामंतवाद का विकास हुआ।

गुप्तोत्तर काल की राजनीतिक स्थिति कैसी थी?

इस काल में राजनीतिक स्थिति बिखरी हुई थी। कई छोटे-बड़े राज्य और क्षेत्रीय शक्तियाँ सत्ता के लिए संघर्ष कर रही थीं।

मौर्य के बाद के गुप्त कौन थे?

मौर्य के बाद बहुत बाद में गुप्त वंश का उदय हुआ। गुप्त वंश के संस्थापक श्रीगुप्त थे।

गुप्त काल का दूसरा नाम क्या था?

गुप्त काल को भारत का स्वर्ण युग कहा जाता है।

कन्नौज के मौखरियों के संस्थापक कौन थे?

मौखरी वंश के शुरुआती शासकों में हरिवर्मा का नाम महत्वपूर्ण माना जाता है। कन्नौज बाद में प्रमुख राजनीतिक केंद्र बना।

गुप्तकाल के संस्थापक कौन थे?

गुप्त वंश के संस्थापक श्रीगुप्त थे।

गुप्त काल में भारत में कौन आया था?

चीनी यात्री फाह्यान चंद्रगुप्त द्वितीय के समय भारत आया था।

गुप्तोत्तर काल कब था?

गुप्तोत्तर काल लगभग छठी से सातवीं शताब्दी के आसपास का समय माना जाता है, जब गुप्त शक्ति कमजोर हुई और वर्धन जैसे वंश उभरे।

क्या चंद्रगुप्त द्वितीय ने अपनी ही बेटी से शादी की थी?

नहीं, यह सही historical fact नहीं है। चंद्रगुप्त द्वितीय की पुत्री प्रभावतीगुप्ता का विवाह वाकाटक शासक रुद्रसेन द्वितीय से हुआ था।

गुप्त काल का इतिहास क्या है?

गुप्त काल चौथी-पांचवीं शताब्दी का शक्तिशाली भारतीय काल था, जिसमें राजनीति, साहित्य, कला और विज्ञान का विकास हुआ।

गुप्त काल के विद्वान कौन थे?

कालिदास, आर्यभट्ट, वराहमिहिर, अमरसिंह, हरिषेण और विशाखदत्त गुप्तकालीन प्रमुख विद्वान माने जाते हैं।

गुप्त काल क्यों प्रसिद्ध है?

गुप्त काल साहित्य, विज्ञान, कला, मंदिर वास्तुकला और संस्कृति के उत्कर्ष के कारण प्रसिद्ध है।

गुप्त काल में सिक्के कौन-कौन से थे?

गुप्त काल में सोने के सिक्के दीनार और चांदी के सिक्के रूप्यक कहलाते थे।

गुप्तोत्तर काल में कौन-कौन से वंश आते हैं?

गुप्तोत्तर काल में बाद के गुप्त, मौखरी, वर्धन, गौड़, मैत्रक, चालुक्य, पल्लव और शुरुआती राजपूत शक्तियाँ महत्वपूर्ण हैं।

गुप्त साम्राज्य के 9 रत्न कौन थे?

नवरत्न की लोकप्रिय सूची में कालिदास, वराहमिहिर, अमरसिंह, धन्वंतरि आदि नाम मिलते हैं, लेकिन सभी नामों पर इतिहासकारों में मतभेद है।

राजपूतों के 36 कुल कौन से हैं?

राजपूतों के 36 कुलों का उल्लेख मध्यकालीन ग्रंथों और परंपराओं में मिलता है। Exam में प्रमुख वंश जैसे प्रतिहार, परमार, चौहान और सोलंकी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

पृथ्वीराज रासो के अनुसार राजपूतों की उत्पत्ति कैसे हुई?

पृथ्वीराज रासो में अग्निकुंड से राजपूतों की उत्पत्ति की कथा मिलती है, लेकिन इसे ऐतिहासिक तथ्य की बजाय परंपरागत कथा माना जाता है।

राजपूतों के 4 प्रकार कौन से हैं?

परंपरागत रूप से अग्निवंशी, सूर्यवंशी, चंद्रवंशी और नागवंशी जैसे वर्गों का उल्लेख मिलता है।

राजपूतों का सबसे बड़ा वंश कौन सा था?

राजपूतों में प्रतिहार, चौहान, परमार, सोलंकी और गहड़वाल जैसे वंश बहुत महत्वपूर्ण थे। “सबसे बड़ा” संदर्भ के अनुसार बदल सकता है।

36 राजवंशों के नाम क्या हैं?

36 राजवंशों की सूची अलग-अलग ग्रंथों में अलग मिलती है। Exam के लिए प्रमुख राजपूत वंशों और उनके क्षेत्रों को याद करना अधिक उपयोगी है।

Guptottar Kal Mock Test के लिए PDF और MCQ Practice कैसे करें?

अगर आप Guptottar Kal MCQ PDF, गुप्तोत्तर काल PDF, Vardhana Era Mock Test, Harshavardhana MCQ या Ancient History question answer search करते हैं, तो पहले topic-wise short notes बनाइए। Notes में गुप्त पतन, वर्धन वंश, हर्षवर्धन, ह्वेनसांग, बाणभट्ट, sources, administration और सामंतवाद को अलग headings में लिखें।

Online quiz का फायदा यह है कि आपको तुरंत अपनी preparation का level पता चलता है। Score कम हो तो theory revise करें और score अच्छा हो तो PYQ तथा statement-based questions करें।

Guptottar Kal Mock Test को बार-बार attempt करने से factual memory मजबूत होती है। यह practice exam से पहले quick revision के लिए बहुत helpful है।

Conclusion: Guptottar Kal Mock Test से Revision मजबूत करें

Guptottar Kal Mock Test Ancient History की तैयारी को मजबूत करने का आसान और effective तरीका है। गुप्तोत्तर काल में facts बहुत हैं, इसलिए repeated revision और MCQ practice जरूरी है। हर्षवर्धन, वर्धन वंश, ह्वेनसांग, बाणभट्ट, कन्नौज, नालंदा, सामंतवाद और गुप्तोत्तर राजनीति को अच्छी तरह revise करके आप exams में बेहतर score कर सकते हैं।

इसलिए exam से पहले कम-से-कम एक बार Guptottar Kal Mock Test जरूर attempt करें। इससे आपको अपनी तैयारी, कमजोर topics और revision level का सही अंदाजा मिलेगा।

नीचे दिए गए Google Form button पर click करके आप 100 MCQ वाला Guptottar Kal Mock Test attempt कर सकते हैं। Mobile से test देने के लिए QR code भी दिया गया है।

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