भारत में खनिज और ऊर्जा संसाधन Questions 81–100
81. भारत में तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (ONGC) की स्थापना कब हुई थी?
A. 1947
B. 1956
C. 1965
D. 1973
उत्तर: B. 1956
व्याख्या: ONGC की स्थापना 1956 में की गई थी। इसका उद्देश्य भारत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस संसाधनों की खोज करना था। यह भारत की प्रमुख ऊर्जा अन्वेषण कंपनी है। मुंबई हाई सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों का विकास इसी संस्था ने किया है।
82. भारत में कोयले का सर्वाधिक उपयोग किस क्षेत्र में होता है?
A. परिवहन
B. कृषि
C. तापीय विद्युत उत्पादन
D. मत्स्य पालन
उत्तर: C. तापीय विद्युत उत्पादन
व्याख्या: भारत में उत्पादित अधिकांश कोयले का उपयोग तापीय विद्युत संयंत्रों में किया जाता है। देश की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता का बड़ा भाग कोयले पर आधारित है। ऊर्जा सुरक्षा में कोयले की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह भारत का प्रमुख पारंपरिक ऊर्जा स्रोत है।
83. भारत में पहला परमाणु परीक्षण कहाँ किया गया था?
A. जैसलमेर
B. पोखरण
C. कोटा
D. जोधपुर
उत्तर: B. पोखरण
व्याख्या: भारत का पहला परमाणु परीक्षण 1974 में राजस्थान के पोखरण में किया गया था। इसका कोड नाम “स्माइलिंग बुद्धा” था। यह भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों में महत्वपूर्ण घटना थी। परमाणु ऊर्जा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में इसका विशेष महत्व है।
84. भारत में लिग्नाइट का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र कौन-सा है?
A. झरिया
B. तालचेर
C. नेवेली
D. बोकारो
उत्तर: C. नेवेली
व्याख्या: नेवेली तमिलनाडु में स्थित प्रमुख लिग्नाइट क्षेत्र है। यहाँ देश के विशाल लिग्नाइट भंडार पाए जाते हैं। लिग्नाइट का उपयोग मुख्यतः बिजली उत्पादन में किया जाता है। नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन इस क्षेत्र का संचालन करती है।
85. भारत में मैंगनीज का उपयोग मुख्यतः किस उद्योग में किया जाता है?
A. वस्त्र उद्योग
B. कागज उद्योग
C. इस्पात उद्योग
D. चीनी उद्योग
उत्तर: C. इस्पात उद्योग
व्याख्या: मैंगनीज इस्पात निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह इस्पात की मजबूती और गुणवत्ता बढ़ाता है। भारत में ओडिशा प्रमुख मैंगनीज उत्पादक राज्य है। लौह एवं इस्पात उद्योग के लिए यह आवश्यक खनिज माना जाता है।
86. भारत का पहला अपतटीय तेल क्षेत्र कौन-सा है?
A. डिगबोई
B. अंकलेश्वर
C. मुंबई हाई
D. नाहरकटिया
उत्तर: C. मुंबई हाई
व्याख्या: मुंबई हाई अरब सागर में स्थित भारत का प्रमुख अपतटीय तेल क्षेत्र है। इसकी खोज 1974 में हुई थी। इसने भारत के तेल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की। ऊर्जा क्षेत्र के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
87. भारत में सर्वाधिक अभ्रक उत्पादन किस जिले से संबंधित है?
A. कोडरमा
B. अजमेर
C. कोटा
D. जयपुर
उत्तर: A. कोडरमा
व्याख्या: कोडरमा झारखंड में स्थित है। यह अभ्रक उत्पादन के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध रहा है। अभ्रक का उपयोग विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में किया जाता है। इसे अभ्रक नगरी भी कहा जाता है।
88. भारत में जलविद्युत ऊर्जा किस श्रेणी की ऊर्जा मानी जाती है?
A. अनवीकरणीय
B. जीवाश्म ईंधन
C. नवीकरणीय
D. परमाणु
उत्तर: C. नवीकरणीय
व्याख्या: जलविद्युत ऊर्जा जल के प्राकृतिक प्रवाह से प्राप्त की जाती है। यह पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोत माना जाता है। इसके उत्पादन में ईंधन की आवश्यकता नहीं होती। भारत की नवीकरणीय ऊर्जा नीति में इसका महत्वपूर्ण स्थान है।
89. भारत में सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक क्षेत्र कौन-सा है?
A. जादूगोड़ा
B. नेवेली
C. खेतड़ी
D. झरिया
उत्तर: A. जादूगोड़ा
व्याख्या: जादूगोड़ा झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित है। यह भारत का प्रमुख यूरेनियम खनन क्षेत्र है। परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक ईंधन यहीं से प्राप्त होता है। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड इसका संचालन करती है।
90. भारत में भड़ला सोलर पार्क किस जिले में स्थित है?
A. बीकानेर
B. जोधपुर
C. जैसलमेर
D. अजमेर
उत्तर: B. जोधपुर
व्याख्या: भड़ला सोलर पार्क राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित है। यह विश्व के सबसे बड़े सौर ऊर्जा पार्कों में गिना जाता है। यहाँ उच्च सौर विकिरण उपलब्ध होता है। भारत की सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में इसका बड़ा योगदान है।
91. भारत में कोयला उत्पादन के लिए प्रसिद्ध झरिया क्षेत्र किस राज्य में स्थित है?
A. बिहार
B. झारखंड
C. ओडिशा
D. छत्तीसगढ़
उत्तर: B. झारखंड
व्याख्या: झरिया भारत का प्रमुख कोकिंग कोयला क्षेत्र है। यह झारखंड के धनबाद जिले में स्थित है। भारतीय इस्पात उद्योग के लिए इसका विशेष महत्व है। यहाँ भूमिगत आग की समस्या भी लंबे समय से मौजूद है।
92. भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्र ‘कुडनकुलम’ किस राज्य में स्थित है?
A. आंध्र प्रदेश
B. तमिलनाडु
C. केरल
D. कर्नाटक
उत्तर: B. तमिलनाडु
व्याख्या: कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र तमिलनाडु में स्थित है। यह भारत की प्रमुख परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल है। इसके विकास में रूस का सहयोग प्राप्त हुआ है। देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
93. भारत में सीमेंट उद्योग का प्रमुख कच्चा माल कौन-सा है?
A. मैंगनीज
B. बॉक्साइट
C. चूना पत्थर
D. तांबा
उत्तर: C. चूना पत्थर
व्याख्या: चूना पत्थर सीमेंट निर्माण का प्रमुख कच्चा माल है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश इसके प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। निर्माण उद्योग में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत के औद्योगिक विकास में यह खनिज अत्यंत आवश्यक है।
94. भारत में सबसे अधिक पेट्रोलियम उत्पादन किस क्षेत्र से होता है?
A. डिगबोई
B. नाहरकटिया
C. मुंबई हाई
D. अंकलेश्वर
उत्तर: C. मुंबई हाई
व्याख्या: मुंबई हाई भारत का सबसे महत्वपूर्ण तेल उत्पादक क्षेत्र है। यह अरब सागर में स्थित अपतटीय क्षेत्र है। देश के कुल कच्चे तेल उत्पादन में इसका बड़ा योगदान है। ONGC इसका संचालन करती है।
95. भारत में प्राकृतिक गैस को अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन क्यों माना जाता है?
A. यह सस्ती होती है
B. इसमें धुआँ कम निकलता है
C. इसका रंग नहीं होता
D. यह पानी में घुल जाती है
उत्तर: B. इसमें धुआँ कम निकलता है
व्याख्या: प्राकृतिक गैस के दहन से अन्य जीवाश्म ईंधनों की तुलना में कम प्रदूषण होता है। इसमें सल्फर और राख की मात्रा नगण्य होती है। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से इसे बेहतर ईंधन माना जाता है। उद्योगों और घरेलू उपयोग में इसका महत्व बढ़ रहा है।
96. भारत में बॉक्साइट का उपयोग किस धातु के निर्माण में किया जाता है?
A. तांबा
B. लोहा
C. एल्युमिनियम
D. जस्ता
उत्तर: C. एल्युमिनियम
व्याख्या: बॉक्साइट एल्युमिनियम का प्रमुख अयस्क है। एल्युमिनियम हल्की और टिकाऊ धातु होती है। इसका उपयोग परिवहन, विद्युत और निर्माण क्षेत्रों में किया जाता है। भारत में ओडिशा इसके उत्पादन में अग्रणी है।
97. भारत में सर्वाधिक लौह अयस्क निर्यात किस बंदरगाह से किया जाता है?
A. पारादीप
B. विशाखापट्टनम
C. मुरमुगांव
D. चेन्नई
उत्तर: C. मुरमुगांव
व्याख्या: मुरमुगांव बंदरगाह गोवा में स्थित है। यह लौह अयस्क निर्यात के लिए प्रसिद्ध है। गोवा और कर्नाटक के लौह अयस्क का निर्यात मुख्यतः इसी बंदरगाह से किया जाता है। भारत के खनिज व्यापार में इसका महत्वपूर्ण स्थान है।
98. भारत में सबसे बड़ा कोयला उत्पादक सार्वजनिक उपक्रम कौन-सा है?
A. GAIL
B. SAIL
C. Coal India Limited
D. ONGC
उत्तर: C. Coal India Limited
व्याख्या: कोल इंडिया लिमिटेड विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनियों में से एक है। इसकी स्थापना 1975 में की गई थी। भारत के अधिकांश कोयला उत्पादन का संचालन यही कंपनी करती है। ऊर्जा क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
99. भारत में पवन ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध मुप्पंडल क्षेत्र किस राज्य में स्थित है?
A. गुजरात
B. महाराष्ट्र
C. तमिलनाडु
D. राजस्थान
उत्तर: C. तमिलनाडु
व्याख्या: मुप्पंडल तमिलनाडु के कन्याकुमारी क्षेत्र में स्थित है। यह भारत के सबसे बड़े पवन ऊर्जा केंद्रों में शामिल है। यहाँ अनुकूल पवन परिस्थितियाँ उपलब्ध हैं। नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में इसका महत्वपूर्ण योगदान है।
100. भारत में ऊर्जा संसाधनों का सबसे बड़ा पारंपरिक स्रोत कौन-सा है?
A. सौर ऊर्जा
B. पवन ऊर्जा
C. कोयला
D. जलविद्युत
उत्तर: C. कोयला
व्याख्या: कोयला भारत का सबसे महत्वपूर्ण पारंपरिक ऊर्जा स्रोत है। देश की अधिकांश तापीय विद्युत परियोजनाएँ कोयले पर आधारित हैं। झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ इसके प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। वर्तमान ऊर्जा संरचना में इसकी हिस्सेदारी सर्वाधिक है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में खनिज और ऊर्जा संसाधन क्या हैं?
खनिज और ऊर्जा संसाधन वे प्राकृतिक संसाधन हैं जो औद्योगिक विकास, ऊर्जा उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों के लिए उपयोग किए जाते हैं। भारत में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, मैंगनीज, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा प्रमुख संसाधन हैं।
भारत में कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन-सा है?
छत्तीसगढ़ भारत का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। कोरबा, रायगढ़ और सरगुजा इसके प्रमुख कोयला उत्पादन क्षेत्र हैं। देश के तापीय विद्युत उत्पादन में इस राज्य का महत्वपूर्ण योगदान है।
भारत में लौह अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन-सा है?
ओडिशा भारत का सबसे बड़ा लौह अयस्क उत्पादक राज्य है। क्योंझर, सुंदरगढ़ और मयूरभंज जिले लौह अयस्क उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। भारत के इस्पात उद्योग का बड़ा भाग इसी संसाधन पर आधारित है।
निष्कर्ष
भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधन देश की औद्योगिक प्रगति, आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा की मजबूत नींव हैं। कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, जलविद्युत, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसे संसाधन भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इन संसाधनों के उत्पादक राज्य, प्रमुख खनन क्षेत्र, ऊर्जा परियोजनाएँ और संबंधित तथ्य नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसलिए भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की स्पष्ट समझ न केवल भूगोल विषय को मजबूत बनाती है, बल्कि परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में भी सहायता करती है।