
soil mock test भूगोल की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अभ्यास सामग्री है। मिट्टी केवल कृषि का आधार नहीं है, बल्कि किसी क्षेत्र की प्राकृतिक विशेषताओं, फसल उत्पादन क्षमता और आर्थिक विकास को भी प्रभावित करती है। इसी कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में मिट्टी से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। भारत में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की मिट्टियाँ, उनके गुण, वितरण क्षेत्र, उपयुक्त फसलें तथा मृदा संरक्षण के उपाय परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इस soil mock test में मिट्टी के निर्माण, मृदा प्रोफ़ाइल, जलोढ़ मिट्टी, काली मिट्टी, लाल मिट्टी, लेटराइट मिट्टी, मरुस्थलीय मिट्टी और पर्वतीय मिट्टी जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही मृदा अपरदन, मृदा संरक्षण, उर्वरता तथा कृषि से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों पर आधारित प्रश्न भी दिए गए हैं। यह अभ्यास सेट SSC, UPSC, Railway, CTET, State PCS, Police, Patwari तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के नवीनतम पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
यदि आप भूगोल विषय में मजबूत पकड़ बनाना चाहते हैं और मिट्टी से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों का प्रभावी पुनरावर्तन करना चाहते हैं, तो यह soil mock test आपकी तैयारी का सटीक मूल्यांकन करने में सहायक होगा तथा परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
soil mock test – Soil GK MCQ Questions 1–20
1. मिट्टी का निर्माण मुख्यतः किस प्रक्रिया से होता है?
A. अपक्षय
B. वाष्पीकरण
C. संघनन
D. अवसादन
उत्तर: A. अपक्षय
व्याख्या: मिट्टी का निर्माण चट्टानों के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक अपक्षय से होता है। इस प्रक्रिया में चट्टानें छोटे-छोटे कणों में टूटती हैं। मिट्टी निर्माण में जलवायु, जीव-जंतु, स्थलाकृति और समय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसे मृदा निर्माण प्रक्रिया (Pedogenesis) कहा जाता है।
2. भारत में सर्वाधिक क्षेत्र में कौन-सी मिट्टी पाई जाती है?
A. काली मिट्टी
B. लाल मिट्टी
C. जलोढ़ मिट्टी
D. लेटराइट मिट्टी
उत्तर: C. जलोढ़ मिट्टी
व्याख्या: जलोढ़ मिट्टी भारत के लगभग 40% भू-भाग पर फैली हुई है। इसका निर्माण नदियों द्वारा लाए गए अवसादों से होता है। गंगा-ब्रह्मपुत्र एवं सिंधु के मैदानों में इसका व्यापक विस्तार है। यह गेहूँ, धान, गन्ना तथा दलहनी फसलों के लिए उपयुक्त होती है।
3. काली मिट्टी को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
A. रेगुर मिट्टी
B. बांगर मिट्टी
C. खादर मिट्टी
D. लेटराइट मिट्टी
उत्तर: A. रेगुर मिट्टी
व्याख्या: काली मिट्टी का निर्माण मुख्यतः बेसाल्ट चट्टानों से हुआ है। इसे रेगुर या कपास मिट्टी भी कहा जाता है। इसकी जलधारण क्षमता अत्यधिक होती है। महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में इसका विस्तार अधिक है।
4. कपास की खेती के लिए सबसे उपयुक्त मिट्टी कौन-सी है?
A. लाल मिट्टी
B. काली मिट्टी
C. जलोढ़ मिट्टी
D. मरुस्थलीय मिट्टी
उत्तर: B. काली मिट्टी
व्याख्या: काली मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है। इसमें चूना, लोहा और मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इसकी संरचना कपास की जड़ों के विकास के लिए अनुकूल होती है। इसलिए इसे कपास मिट्टी भी कहा जाता है।
5. लाल मिट्टी का लाल रंग किस तत्व की उपस्थिति के कारण होता है?
A. कैल्शियम
B. पोटाश
C. लौह ऑक्साइड
D. मैग्नीशियम
उत्तर: C. लौह ऑक्साइड
व्याख्या: लाल मिट्टी में लौह ऑक्साइड की मात्रा अधिक होती है, जिससे इसका रंग लाल दिखाई देता है। यह मिट्टी दक्षिण भारत, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में पाई जाती है। इसमें नाइट्रोजन एवं फॉस्फोरस की मात्रा कम होती है। उचित उर्वरकों के प्रयोग से इसकी उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है।
6. लेटराइट मिट्टी का निर्माण किस प्रकार की जलवायु में होता है?
A. शुष्क जलवायु
B. अत्यधिक वर्षा एवं उच्च तापमान
C. हिमानी जलवायु
D. मरुस्थलीय जलवायु
उत्तर: B. अत्यधिक वर्षा एवं उच्च तापमान
व्याख्या: लेटराइट मिट्टी उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में बनती है। अधिक वर्षा के कारण मिट्टी से घुलनशील तत्व बाहर निकल जाते हैं। यह मिट्टी कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में मिलती है। इसमें चाय, कॉफी और काजू की खेती की जाती है।
7. खादर मिट्टी किससे संबंधित है?
A. पुरानी जलोढ़ मिट्टी
B. नई जलोढ़ मिट्टी
C. काली मिट्टी
D. लाल मिट्टी
उत्तर: B. नई जलोढ़ मिट्टी
व्याख्या: खादर मिट्टी नदी द्वारा प्रतिवर्ष लाई गई नई अवसादी मिट्टी होती है। यह बाढ़ वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। इसमें पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। कृषि उत्पादन की दृष्टि से यह अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है।
8. बांगर मिट्टी क्या है?
A. नई जलोढ़ मिट्टी
B. पुरानी जलोढ़ मिट्टी
C. लाल मिट्टी
D. पर्वतीय मिट्टी
उत्तर: B. पुरानी जलोढ़ मिट्टी
व्याख्या: बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी है जो ऊँचे मैदानों में पाई जाती है। इसमें कंकड़युक्त कैल्शियम के निक्षेप मिलते हैं जिन्हें कंकर कहा जाता है। इसकी उर्वरता खादर की तुलना में कम होती है। उत्तर भारत के मैदानों में इसका विस्तार मिलता है।
9. मरुस्थलीय मिट्टी का प्रमुख विस्तार किस राज्य में है?
A. पंजाब
B. बिहार
C. राजस्थान
D. ओडिशा
उत्तर: C. राजस्थान
व्याख्या: मरुस्थलीय मिट्टी मुख्यतः राजस्थान के थार मरुस्थल में पाई जाती है। इसमें जैविक पदार्थ और नमी की मात्रा कम होती है। यह प्रायः रेतीली प्रकृति की होती है। सिंचाई उपलब्ध होने पर इसमें कृषि की जा सकती है।
10. मृदा अपरदन का प्रमुख कारण क्या है?
A. वनों की कटाई
B. उर्वरक उपयोग
C. फसल चक्र
D. सिंचाई
उत्तर: A. वनों की कटाई
व्याख्या: वनों की कटाई से मिट्टी की ऊपरी उपजाऊ परत असुरक्षित हो जाती है। वर्षा और हवा आसानी से मिट्टी को बहा ले जाती हैं। इससे भूमि की उर्वरता घटती है। भारत में मृदा संरक्षण के लिए वनीकरण को महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है।
11. भारत में काली मिट्टी का सर्वाधिक विस्तार किस राज्य में है?
A. महाराष्ट्र
B. बिहार
C. पंजाब
D. असम
उत्तर: A. महाराष्ट्र
व्याख्या: महाराष्ट्र में दक्कन ट्रैप क्षेत्र के कारण काली मिट्टी का व्यापक विस्तार है। इसका निर्माण बेसाल्ट चट्टानों से हुआ है। कपास उत्पादन के लिए यह क्षेत्र प्रसिद्ध है। भारत की अधिकांश काली मिट्टी इसी क्षेत्र में पाई जाती है।
12. मिट्टी की सबसे ऊपरी परत को क्या कहते हैं?
A. मूल शैल
B. उपमृदा
C. ऊपरी मृदा
D. अपक्षयित शैल
उत्तर: C. ऊपरी मृदा
व्याख्या: ऊपरी मृदा (Top Soil) में ह्यूमस और पोषक तत्व सर्वाधिक मात्रा में पाए जाते हैं। पौधों की अधिकांश जड़ें इसी परत में विकसित होती हैं। कृषि की दृष्टि से यह सबसे महत्वपूर्ण परत होती है। मृदा अपरदन का सबसे अधिक प्रभाव इसी पर पड़ता है।
13. ह्यूमस किसे कहते हैं?
A. चट्टानों के कण
B. खनिज लवण
C. सड़ी-गली जैविक सामग्री
D. मिट्टी में जल
उत्तर: C. सड़ी-गली जैविक सामग्री
व्याख्या: ह्यूमस पौधों और जीवों के अवशेषों के विघटन से बनता है। यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होता है। ह्यूमस मिट्टी की जलधारण क्षमता को भी बढ़ाता है। कृषि उत्पादन के लिए इसका विशेष महत्व है।
14. पर्वतीय मिट्टी किस क्षेत्र में अधिक पाई जाती है?
A. गंगा का मैदान
B. हिमालय क्षेत्र
C. दक्कन का पठार
D. थार मरुस्थल
उत्तर: B. हिमालय क्षेत्र
व्याख्या: पर्वतीय मिट्टी हिमालयी क्षेत्रों में विकसित होती है। इसकी प्रकृति ऊँचाई और जलवायु के अनुसार बदलती रहती है। यह चाय, कॉफी, मसाले तथा फलों की खेती के लिए उपयुक्त है। इसमें जैविक पदार्थ पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।
15. मिट्टी के अध्ययन को क्या कहा जाता है?
A. मौसम विज्ञान
B. मृदा विज्ञान
C. भूगर्भ विज्ञान
D. जीव विज्ञान
उत्तर: B. मृदा विज्ञान
व्याख्या: मृदा विज्ञान (Pedology) मिट्टी की उत्पत्ति, संरचना, गुण तथा वर्गीकरण का अध्ययन करता है। यह भूगोल और कृषि विज्ञान दोनों से जुड़ा विषय है। प्रतियोगी परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। मृदा संरक्षण भी इसका महत्वपूर्ण भाग है।
16. मृदा संरक्षण की सीढ़ीदार खेती किस क्षेत्र में अपनाई जाती है?
A. मैदान
B. पठार
C. पर्वतीय क्षेत्र
D. मरुस्थल
उत्तर: C. पर्वतीय क्षेत्र
व्याख्या: पर्वतीय ढालों पर मृदा अपरदन रोकने के लिए सीढ़ीदार खेती की जाती है। इससे वर्षा जल का बहाव नियंत्रित होता है। मिट्टी की उर्वर परत सुरक्षित रहती है। हिमालयी क्षेत्रों में यह पद्धति व्यापक रूप से अपनाई जाती है।
17. जलोढ़ मिट्टी में कौन-सी फसल प्रमुख रूप से उगाई जाती है?
A. चाय
B. कपास
C. गेहूँ
D. कॉफी
उत्तर: C. गेहूँ
व्याख्या: जलोढ़ मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ होती है। उत्तर भारत के मैदानों में गेहूँ उत्पादन का मुख्य आधार यही मिट्टी है। इसमें पोटाश और चूना पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। धान, गन्ना और जूट भी इसी मिट्टी में अच्छी तरह उगते हैं।
18. भारत की लाल मिट्टी में किस तत्व की कमी अधिक होती है?
A. लौह
B. नाइट्रोजन
C. एल्युमिनियम
D. सिलिका
उत्तर: B. नाइट्रोजन
व्याख्या: लाल मिट्टी में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है। इसलिए कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए उर्वरकों की आवश्यकता पड़ती है। यह मिट्टी दक्षिणी और पूर्वी भारत में अधिक पाई जाती है। सिंचाई और खाद के प्रयोग से इसकी उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है।
19. पवन द्वारा मिट्टी के कटाव को क्या कहते हैं?
A. जल अपरदन
B. हिमानी अपरदन
C. वायु अपरदन
D. रासायनिक अपरदन
उत्तर: C. वायु अपरदन
व्याख्या: शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में तेज हवाएँ मिट्टी के कणों को उड़ा ले जाती हैं। इसे वायु अपरदन कहा जाता है। राजस्थान में यह समस्या अधिक देखी जाती है। वृक्षारोपण और शेल्टर बेल्ट इसके नियंत्रण के प्रमुख उपाय हैं।
20. भारत की सबसे उपजाऊ मिट्टी कौन-सी मानी जाती है?
A. काली मिट्टी
B. लाल मिट्टी
C. जलोढ़ मिट्टी
D. लेटराइट मिट्टी
उत्तर: C. जलोढ़ मिट्टी
व्याख्या: जलोढ़ मिट्टी में पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। यह नदियों द्वारा जमा किए गए अवसादों से बनती है। भारत के प्रमुख कृषि क्षेत्रों का विकास इसी मिट्टी पर हुआ है। गेहूँ, धान, गन्ना, जूट और दलहन उत्पादन में इसका महत्वपूर्ण योगदान है।
soil mock test – Soil GK MCQ Questions 21–40
21. भारत में काली मिट्टी का निर्माण मुख्यतः किस चट्टान से हुआ है?
A. ग्रेनाइट
B. बलुआ पत्थर
C. बेसाल्ट
D. चूना पत्थर
उत्तर: C. बेसाल्ट
व्याख्या: काली मिट्टी का निर्माण दक्कन ट्रैप क्षेत्र की बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से हुआ है। यह मिट्टी लावा प्रवाह वाले क्षेत्रों में विकसित हुई है। महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में इसका विस्तार मिलता है। कपास उत्पादन के लिए यह सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है।
22. जलोढ़ मिट्टी में ‘कंकर’ की अधिकता किस प्रकार की मिट्टी में होती है?
A. खादर
B. बांगर
C. लाल मिट्टी
D. काली मिट्टी
उत्तर: B. बांगर
व्याख्या: बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी है जिसमें कैल्शियम कार्बोनेट के कंकरीले निक्षेप पाए जाते हैं। इन्हें कंकर कहा जाता है। यह ऊँचे मैदानी भागों में मिलती है। खादर की तुलना में इसकी उर्वरता अपेक्षाकृत कम होती है।
23. मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए कौन-सी कृषि पद्धति उपयोगी है?
A. एकल फसल
B. झूम खेती
C. फसल चक्र
D. स्थानांतरण कृषि
उत्तर: C. फसल चक्र
व्याख्या: फसल चक्र में विभिन्न फसलों को क्रम से उगाया जाता है। इससे मिट्टी के पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है। नाइट्रोजन स्थिरीकरण में दलहनी फसलें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह मृदा संरक्षण का प्रभावी उपाय है।
24. भारत की लाल मिट्टी का प्रमुख क्षेत्र कौन-सा है?
A. गंगा का मैदान
B. दक्कन का पठार
C. पूर्वी एवं दक्षिणी पठारी क्षेत्र
D. हिमालय क्षेत्र
उत्तर: C. पूर्वी एवं दक्षिणी पठारी क्षेत्र
व्याख्या: लाल मिट्टी मुख्यतः तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में पाई जाती है। इसका निर्माण क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों से हुआ है। लौह ऑक्साइड की उपस्थिति इसके लाल रंग का कारण है। यह भारत की प्रमुख मिट्टियों में से एक है।
25. मृदा अपरदन को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय कौन-सा है?
A. अधिक जुताई
B. वनों की कटाई
C. वृक्षारोपण
D. अधिक सिंचाई
उत्तर: C. वृक्षारोपण
व्याख्या: वृक्षों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से बांधकर रखती हैं। इससे वर्षा और हवा द्वारा मिट्टी का कटाव कम होता है। वनों का विस्तार मृदा संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत में कई मृदा संरक्षण योजनाओं में वृक्षारोपण को प्राथमिकता दी गई है।
26. लेटराइट मिट्टी में कौन-सा तत्व अधिक पाया जाता है?
A. नाइट्रोजन
B. फॉस्फोरस
C. लौह एवं एल्युमिनियम
D. पोटाश
उत्तर: C. लौह एवं एल्युमिनियम
व्याख्या: लेटराइट मिट्टी में लौह और एल्युमिनियम ऑक्साइड की मात्रा अधिक होती है। भारी वर्षा के कारण अन्य पोषक तत्व धुल जाते हैं। यह मिट्टी अम्लीय प्रकृति की होती है। उचित उर्वरक प्रयोग से इसमें खेती की जा सकती है।
27. मिट्टी की परतों के क्रम को क्या कहा जाता है?
A. मृदा संरचना
B. मृदा प्रोफ़ाइल
C. मृदा अपरदन
D. मृदा संरक्षण
उत्तर: B. मृदा प्रोफ़ाइल
व्याख्या: मिट्टी की विभिन्न परतों का ऊर्ध्वाधर क्रम मृदा प्रोफ़ाइल कहलाता है। इसमें O, A, B और C क्षितिज शामिल होते हैं। प्रत्येक परत के गुण अलग-अलग होते हैं। मृदा विज्ञान में इसका विशेष महत्व है।
28. भारत में सर्वाधिक उपजाऊ मिट्टी किस नदी प्रणाली से जुड़ी है?
A. नर्मदा
B. ताप्ती
C. गंगा-ब्रह्मपुत्र
D. महानदी
उत्तर: C. गंगा-ब्रह्मपुत्र
व्याख्या: गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली विशाल मात्रा में उपजाऊ अवसाद जमा करती है। इससे जलोढ़ मिट्टी का निर्माण होता है। यह क्षेत्र भारत का प्रमुख कृषि क्षेत्र है। गेहूँ, धान और गन्ना उत्पादन में इसका महत्वपूर्ण योगदान है।
29. मरुस्थलीय मिट्टी में किसकी मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है?
A. नमी
B. जैविक पदार्थ
C. लवण
D. ह्यूमस
उत्तर: C. लवण
व्याख्या: मरुस्थलीय मिट्टी में वाष्पीकरण अधिक होने के कारण लवणों का संचय होता है। इसमें नमी और जैविक पदार्थ कम पाए जाते हैं। यह मिट्टी सामान्यतः रेतीली होती है। सिंचाई मिलने पर कृषि संभव हो जाती है।
30. काली मिट्टी की प्रमुख विशेषता क्या है?
A. कम जलधारण क्षमता
B. अधिक जलधारण क्षमता
C. अधिक अम्लीयता
D. अधिक क्षारीयता
उत्तर: B. अधिक जलधारण क्षमता
व्याख्या: काली मिट्टी महीन कणों वाली होती है। यह लंबे समय तक नमी बनाए रखती है। सूखे मौसम में इसमें दरारें पड़ जाती हैं। इसकी यही विशेषता कपास की खेती के लिए इसे उपयुक्त बनाती है।
31. मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने के लिए क्या उपयोग किया जाता है?
A. रासायनिक उर्वरक
B. ह्यूमस
C. कीटनाशक
D. चूना
उत्तर: B. ह्यूमस
व्याख्या: ह्यूमस सड़ी-गली जैविक सामग्री से बनता है। यह मिट्टी की उर्वरता और जलधारण क्षमता दोनों बढ़ाता है। पौधों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। यह स्वस्थ मिट्टी का संकेत माना जाता है।
32. भारत की कौन-सी मिट्टी चाय उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है?
A. लाल मिट्टी
B. लेटराइट मिट्टी
C. मरुस्थलीय मिट्टी
D. जलोढ़ मिट्टी
उत्तर: B. लेटराइट मिट्टी
व्याख्या: लेटराइट मिट्टी में चाय, कॉफी और काजू जैसी बागानी फसलें उगाई जाती हैं। यह अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। केरल, कर्नाटक और असम के कुछ भागों में इसका विस्तार है। अम्लीय प्रकृति चाय के लिए अनुकूल होती है।
33. मृदा संरक्षण हेतु समोच्च रेखीय जुताई किस क्षेत्र में उपयोगी है?
A. समतल मैदान
B. पहाड़ी ढाल
C. मरुस्थल
D. नदी डेल्टा
उत्तर: B. पहाड़ी ढाल
व्याख्या: समोच्च रेखाओं के समानांतर जुताई करने से जल का बहाव धीमा होता है। इससे मिट्टी का कटाव कम होता है। यह तकनीक पर्वतीय और ढालदार क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी है। मृदा संरक्षण में इसका व्यापक उपयोग किया जाता है।
34. लाल मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी प्रमुख रूप से होती है?
A. लौह
B. नाइट्रोजन
C. एल्युमिनियम
D. सिलिका
उत्तर: B. नाइट्रोजन
व्याख्या: लाल मिट्टी में नाइट्रोजन और ह्यूमस की मात्रा कम होती है। इसलिए कृषि के लिए उर्वरकों की आवश्यकता होती है। इसकी उर्वरता जलोढ़ मिट्टी की तुलना में कम होती है। उचित प्रबंधन से अच्छी पैदावार प्राप्त की जा सकती है।
35. मिट्टी के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण कारक कौन-सा माना जाता है?
A. समय
B. जलवायु
C. वनस्पति
D. जीव-जंतु
उत्तर: B. जलवायु
व्याख्या: तापमान और वर्षा मिट्टी निर्माण की गति को प्रभावित करते हैं। जलवायु अपक्षय प्रक्रिया को नियंत्रित करती है। विभिन्न जलवायु क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार की मिट्टियाँ विकसित होती हैं। इसलिए इसे प्रमुख मृदा निर्माण कारक माना जाता है।
36. भारत में लेटराइट मिट्टी मुख्यतः किस क्षेत्र में मिलती है?
A. उत्तर-पश्चिम भारत
B. पश्चिमी एवं पूर्वी घाट
C. पंजाब का मैदान
D. थार मरुस्थल
उत्तर: B. पश्चिमी एवं पूर्वी घाट
व्याख्या: लेटराइट मिट्टी पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट के अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में विकसित होती है। यह केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा में मिलती है। इसमें लौह और एल्युमिनियम की मात्रा अधिक होती है। बागानी कृषि के लिए यह महत्वपूर्ण है।
37. जलोढ़ मिट्टी का निर्माण किसके द्वारा होता है?
A. ज्वालामुखी
B. हिमनद
C. नदियाँ
D. पवन
उत्तर: C. नदियाँ
व्याख्या: नदियाँ अपने साथ अवसाद लाकर मैदानों में जमा करती हैं। इन निक्षेपों से जलोढ़ मिट्टी बनती है। यह अत्यधिक उपजाऊ होती है। भारत के अधिकांश कृषि क्षेत्र इसी मिट्टी पर आधारित हैं।
38. मिट्टी की अम्लता कम करने के लिए क्या मिलाया जाता है?
A. जिप्सम
B. चूना
C. नमक
D. राख
उत्तर: B. चूना
व्याख्या: चूना अम्लीय मिट्टी के pH को संतुलित करता है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ती है। अम्लीय क्षेत्रों में कृषि सुधार के लिए इसका उपयोग किया जाता है। यह मृदा सुधार का महत्वपूर्ण उपाय है।
39. मृदा अपरदन से सबसे अधिक प्रभावित होने वाली परत कौन-सी है?
A. मूल शैल
B. उपमृदा
C. ऊपरी मृदा
D. शैल परत
उत्तर: C. ऊपरी मृदा
व्याख्या: ऊपरी मृदा में ह्यूमस और पोषक तत्व सर्वाधिक होते हैं। अपरदन के दौरान यही परत सबसे पहले हटती है। इससे कृषि उत्पादकता प्रभावित होती है। मृदा संरक्षण उपायों का मुख्य उद्देश्य इसी परत की रक्षा करना है।
40. भारत में काली मिट्टी का प्रमुख कृषि उपयोग क्या है?
A. जूट उत्पादन
B. कपास उत्पादन
C. चाय उत्पादन
D. गन्ना उत्पादन
उत्तर: B. कपास उत्पादन
व्याख्या: काली मिट्टी की जलधारण क्षमता और खनिज संरचना कपास के लिए आदर्श मानी जाती है। महाराष्ट्र और गुजरात भारत के प्रमुख कपास उत्पादक राज्य हैं। इस कारण काली मिट्टी को कपास मिट्टी भी कहा जाता है। भारतीय कृषि भूगोल में इसका विशेष महत्व है।
soil mock test – Soil GK MCQ Questions 41–60
41. भारत में काली मिट्टी का दूसरा नाम क्या है?
A. खादर मिट्टी
B. रेगुर मिट्टी
C. लेटराइट मिट्टी
D. लाल मिट्टी
उत्तर: B. रेगुर मिट्टी
व्याख्या: काली मिट्टी को रेगुर मिट्टी कहा जाता है। इसका निर्माण दक्कन ट्रैप की बेसाल्ट चट्टानों से हुआ है। इसकी जलधारण क्षमता अत्यधिक होती है। कपास की खेती के लिए यह सर्वश्रेष्ठ मिट्टी मानी जाती है।
42. मिट्टी के निर्माण की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
A. अपरदन
B. निक्षेपण
C. मृदा निर्माण (Pedogenesis)
D. अपवाह
उत्तर: C. मृदा निर्माण (Pedogenesis)
व्याख्या: चट्टानों के अपक्षय तथा जैविक प्रक्रियाओं से मिट्टी का निर्माण होता है। इस पूरी प्रक्रिया को पेडोजेनेसिस कहा जाता है। इसमें जलवायु, जीव, स्थलाकृति, मूल पदार्थ और समय की भूमिका होती है। मृदा विज्ञान का यह मूल सिद्धांत है।
43. लाल मिट्टी का निर्माण मुख्यतः किस प्रकार की चट्टानों से होता है?
A. ज्वालामुखीय चट्टानें
B. अवसादी चट्टानें
C. कायांतरित एवं आग्नेय चट्टानें
D. चूना पत्थर
उत्तर: C. कायांतरित एवं आग्नेय चट्टानें
व्याख्या: लाल मिट्टी का निर्माण प्राचीन क्रिस्टलीय आग्नेय एवं कायांतरित चट्टानों से हुआ है। इसमें लौह ऑक्साइड की मात्रा अधिक होती है। दक्षिण भारत में इसका व्यापक विस्तार है। यह भारत की प्रमुख मिट्टी श्रेणियों में शामिल है।
44. भारत में जलोढ़ मिट्टी का सबसे अधिक विस्तार किस क्षेत्र में है?
A. दक्कन का पठार
B. हिमालय क्षेत्र
C. उत्तरी मैदान
D. पश्चिमी घाट
उत्तर: C. उत्तरी मैदान
व्याख्या: गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और सिंधु नदी प्रणालियों द्वारा लाए गए अवसादों से उत्तरी मैदान बना है। यहाँ जलोढ़ मिट्टी का व्यापक विस्तार मिलता है। यह भारत का सबसे उपजाऊ कृषि क्षेत्र है। गेहूँ और धान का उत्पादन यहाँ अधिक होता है।
45. मिट्टी में पौधों को पोषण देने वाला प्रमुख कार्बनिक पदार्थ कौन-सा है?
A. सिलिका
B. ह्यूमस
C. कैल्शियम
D. पोटाश
उत्तर: B. ह्यूमस
व्याख्या: ह्यूमस सड़ी-गली वनस्पतियों एवं जीवों के अवशेषों से बनता है। यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है। जलधारण क्षमता में भी वृद्धि करता है। स्वस्थ कृषि के लिए ह्यूमस अत्यंत आवश्यक है।
46. मृदा अपरदन का सबसे अधिक प्रभाव किस पर पड़ता है?
A. मूल शैल
B. उपमृदा
C. ऊपरी उपजाऊ परत
D. चट्टान
उत्तर: C. ऊपरी उपजाऊ परत
व्याख्या: ऊपरी परत में सर्वाधिक पोषक तत्व और ह्यूमस पाए जाते हैं। अपरदन के दौरान यही भाग सबसे पहले नष्ट होता है। इससे कृषि उत्पादन घटता है। मृदा संरक्षण उपाय इसी परत को बचाने के लिए किए जाते हैं।
47. भारत में लेटराइट मिट्टी किस राज्य में अधिक पाई जाती है?
A. पंजाब
B. राजस्थान
C. केरल
D. हरियाणा
उत्तर: C. केरल
व्याख्या: केरल में भारी वर्षा और उच्च तापमान की स्थिति लेटराइट मिट्टी के निर्माण के लिए उपयुक्त है। यह मिट्टी पश्चिमी घाट क्षेत्र में अधिक मिलती है। चाय, कॉफी और काजू की खेती के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
48. मिट्टी में नाइट्रोजन की पूर्ति के लिए कौन-सी फसल उपयोगी है?
A. गेहूँ
B. ज्वार
C. दलहन
D. मक्का
उत्तर: C. दलहन
व्याख्या: दलहनी फसलों की जड़ों में राइजोबियम जीवाणु पाए जाते हैं। ये वायुमंडलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करते हैं। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है। फसल चक्र में दलहनी फसलों का विशेष महत्व है।
49. भारत में काली मिट्टी का सर्वाधिक विस्तार किस भौतिक प्रदेश में है?
A. उत्तरी मैदान
B. दक्कन का पठार
C. हिमालय क्षेत्र
D. तटीय मैदान
उत्तर: B. दक्कन का पठार
व्याख्या: दक्कन का पठार ज्वालामुखीय लावा से बना क्षेत्र है। इसी कारण यहाँ काली मिट्टी का विकास हुआ। महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश इसके प्रमुख क्षेत्र हैं। यह कपास उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
50. मिट्टी की अम्लीयता मापने के लिए किस पैमाने का उपयोग किया जाता है?
A. रिक्टर पैमाना
B. सेल्सियस पैमाना
C. pH पैमाना
D. मर्केली पैमाना
उत्तर: C. pH पैमाना
व्याख्या: pH पैमाना मिट्टी की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति बताता है। pH 7 तटस्थ माना जाता है। 7 से कम अम्लीय तथा 7 से अधिक क्षारीय स्थिति को दर्शाता है। कृषि के लिए उपयुक्त pH का विशेष महत्व है।
51. रेतीली मिट्टी में कौन-सी समस्या अधिक होती है?
A. जलभराव
B. लवणता
C. नमी की कमी
D. अम्लीयता
उत्तर: C. नमी की कमी
व्याख्या: रेतीली मिट्टी के कण बड़े होते हैं। पानी तेजी से नीचे चला जाता है। इसलिए नमी लंबे समय तक नहीं टिकती। मरुस्थलीय क्षेत्रों में यह समस्या सामान्य रूप से देखी जाती है।
52. मृदा संरक्षण के लिए पट्टीदार खेती (Strip Cropping) कहाँ उपयोगी है?
A. पर्वतीय क्षेत्र
B. पवन अपरदन वाले क्षेत्र
C. नदी डेल्टा
D. दलदली क्षेत्र
उत्तर: B. पवन अपरदन वाले क्षेत्र
व्याख्या: पट्टीदार खेती में विभिन्न फसलों को पट्टियों में उगाया जाता है। इससे हवा की गति कम होती है। मिट्टी का कटाव घटता है। शुष्क क्षेत्रों में यह तकनीक प्रभावी मानी जाती है।
53. भारत की कौन-सी मिट्टी गन्ने की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है?
A. जलोढ़ मिट्टी
B. मरुस्थलीय मिट्टी
C. लाल मिट्टी
D. पर्वतीय मिट्टी
उत्तर: A. जलोढ़ मिट्टी
व्याख्या: जलोढ़ मिट्टी में पर्याप्त पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसकी संरचना गन्ने की खेती के लिए उपयुक्त होती है। उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्र इसी मिट्टी पर स्थित हैं। यह भारत की सबसे उत्पादक मिट्टियों में से एक है।
54. मिट्टी में कैल्शियम कार्बोनेट के निक्षेप को क्या कहते हैं?
A. ह्यूमस
B. कंकर
C. रेगुर
D. लेटराइट
उत्तर: B. कंकर
व्याख्या: कंकर कैल्शियम कार्बोनेट के कठोर निक्षेप होते हैं। ये मुख्यतः बांगर मिट्टी में पाए जाते हैं। उत्तर भारत के पुराने जलोढ़ क्षेत्रों में इनका विस्तार मिलता है। भूगोल परीक्षाओं में यह महत्वपूर्ण तथ्य है।
55. भारत में मरुस्थलीय मिट्टी मुख्यतः किस क्षेत्र में पाई जाती है?
A. गंगा मैदान
B. दक्कन पठार
C. थार मरुस्थल
D. पश्चिमी घाट
उत्तर: C. थार मरुस्थल
व्याख्या: थार मरुस्थल राजस्थान के पश्चिमी भाग में स्थित है। यहाँ रेतीली एवं शुष्क मिट्टी का प्रभुत्व है। वर्षा की कमी और उच्च तापमान इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं। सिंचाई उपलब्ध होने पर कृषि संभव होती है।
56. मृदा संरक्षण का कौन-सा उपाय ढाल वाले क्षेत्रों में अपनाया जाता है?
A. सीढ़ीदार खेती
B. झूम खेती
C. गहन कृषि
D. स्थानांतरण कृषि
उत्तर: A. सीढ़ीदार खेती
व्याख्या: सीढ़ीदार खेती में ढालों को सीढ़ियों के रूप में परिवर्तित किया जाता है। इससे जल का बहाव नियंत्रित होता है। मिट्टी का कटाव कम होता है। हिमालयी क्षेत्रों में यह तकनीक व्यापक रूप से अपनाई जाती है।
57. मिट्टी में सबसे अधिक जैविक पदार्थ किस परत में पाए जाते हैं?
A. A क्षितिज
B. B क्षितिज
C. C क्षितिज
D. मूल शैल
उत्तर: A. A क्षितिज
व्याख्या: A क्षितिज को टॉप सॉयल कहा जाता है। इसमें ह्यूमस और पोषक तत्वों की मात्रा सबसे अधिक होती है। पौधों की अधिकांश जड़ें इसी परत में विकसित होती हैं। कृषि उत्पादन का आधार यही परत है।
58. लाल और पीली मिट्टी में पीला रंग किस कारण होता है?
A. लौह की जलयोजित अवस्था
B. मैग्नीशियम
C. कैल्शियम
D. सिलिका
उत्तर: A. लौह की जलयोजित अवस्था
व्याख्या: लौह तत्व की जलयोजित अवस्था मिट्टी को पीला रंग प्रदान करती है। जबकि लौह ऑक्साइड की अधिकता लाल रंग उत्पन्न करती है। लाल और पीली मिट्टी का विस्तार भारत के कई पठारी क्षेत्रों में है।
59. मृदा संरक्षण के लिए वृक्षों की पंक्तियाँ लगाने की विधि क्या कहलाती है?
A. शेल्टर बेल्ट
B. झूम कृषि
C. फसल चक्र
D. बहुफसली कृषि
उत्तर: A. शेल्टर बेल्ट
व्याख्या: शेल्टर बेल्ट में वृक्षों की कतारें लगाई जाती हैं। ये तेज हवाओं की गति कम करती हैं। इससे वायु अपरदन नियंत्रित होता है। राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में इसका उपयोग किया जाता है।
60. भारत की काली मिट्टी में कौन-सा तत्व पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है?
A. ह्यूमस
B. नाइट्रोजन
C. चूना
D. फॉस्फोरस
उत्तर: C. चूना
व्याख्या: काली मिट्टी में चूना, मैग्नीशियम और लौह पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। हालांकि इसमें नाइट्रोजन और फॉस्फोरस की कमी रहती है। इसकी जलधारण क्षमता अत्यधिक होती है। कपास उत्पादन के लिए यह सबसे उपयुक्त मिट्टी मानी जाती है।
soil mock test – Soil GK MCQ Questions 61–80
61. भारत में जलोढ़ मिट्टी का सर्वाधिक विस्तार किस राज्य में पाया जाता है?
A. महाराष्ट्र
B. उत्तर प्रदेश
C. गुजरात
D. कर्नाटक
उत्तर: B. उत्तर प्रदेश
व्याख्या: उत्तर प्रदेश का अधिकांश भाग गंगा-यमुना के जलोढ़ मैदान में स्थित है। यहाँ अत्यंत उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है। गेहूँ, धान और गन्ना जैसी फसलें बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं। भारतीय कृषि उत्पादन में इस मिट्टी का महत्वपूर्ण योगदान है।
62. काली मिट्टी में दरारें पड़ने का मुख्य कारण क्या है?
A. अधिक लवणता
B. अधिक ह्यूमस
C. सिकुड़न और फैलाव का गुण
D. अधिक नाइट्रोजन
उत्तर: C. सिकुड़न और फैलाव का गुण
व्याख्या: काली मिट्टी में चिकनी मिट्टी (Clay) की मात्रा अधिक होती है। सूखने पर यह सिकुड़ती है और दरारें बन जाती हैं। वर्षा होने पर यह पुनः फूल जाती है। यह गुण इसकी जलधारण क्षमता बढ़ाता है।
63. लेटराइट मिट्टी में कौन-सी फसल प्रमुख रूप से उगाई जाती है?
A. गेहूँ
B. चाय
C. जौ
D. सरसों
उत्तर: B. चाय
व्याख्या: लेटराइट मिट्टी अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। यह अम्लीय प्रकृति की होती है। चाय की खेती के लिए ऐसी मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है। केरल, कर्नाटक और असम के कुछ भागों में इसका उपयोग किया जाता है।
64. मृदा संरक्षण का ‘कंटूर बंडिंग’ तरीका किससे संबंधित है?
A. नदी तट संरक्षण
B. ढालदार भूमि संरक्षण
C. मरुस्थलीय क्षेत्र
D. दलदली क्षेत्र
उत्तर: B. ढालदार भूमि संरक्षण
व्याख्या: कंटूर बंडिंग में ढाल वाली भूमि पर समोच्च रेखाओं के अनुसार मेड़ बनाई जाती हैं। इससे वर्षा जल का बहाव कम होता है। मिट्टी का कटाव रुकता है। यह तकनीक मृदा संरक्षण की प्रभावी विधियों में से एक है।
65. भारत में लाल मिट्टी का सर्वाधिक विस्तार किस राज्य में है?
A. तमिलनाडु
B. पंजाब
C. हरियाणा
D. उत्तर प्रदेश
उत्तर: A. तमिलनाडु
व्याख्या: तमिलनाडु में लाल मिट्टी का व्यापक विस्तार पाया जाता है। यह मिट्टी लौह ऑक्साइड की अधिकता के कारण लाल दिखाई देती है। इसमें नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी होती है। उचित उर्वरकों से इसकी उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है।
66. मिट्टी में पौधों के लिए आवश्यक प्रमुख पोषक तत्व कौन-से हैं?
A. सोना, चाँदी, तांबा
B. नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश
C. लोहा, एल्युमिनियम, जस्ता
D. कैल्शियम, सिलिका, तांबा
उत्तर: B. नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश
व्याख्या: NPK अर्थात नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक प्रमुख पोषक तत्व हैं। नाइट्रोजन पत्तियों के विकास में सहायक है। फॉस्फोरस जड़ों की वृद्धि और पोटाश पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
67. भारत में काली मिट्टी किस कृषि क्रांति से सबसे अधिक जुड़ी है?
A. हरित क्रांति
B. श्वेत क्रांति
C. कपास उत्पादन
D. नीली क्रांति
उत्तर: C. कपास उत्पादन
व्याख्या: काली मिट्टी को कपास मिट्टी भी कहा जाता है। इसकी जलधारण क्षमता और खनिज संरचना कपास के लिए अनुकूल होती है। महाराष्ट्र और गुजरात भारत के प्रमुख कपास उत्पादक क्षेत्र हैं। कपास आधारित वस्त्र उद्योग का विकास भी इसी कारण हुआ।
68. मिट्टी की ऊपरी परत को उड़ाकर ले जाने वाली प्रक्रिया क्या कहलाती है?
A. निक्षेपण
B. अपरदन
C. अपक्षय
D. अवसादन
उत्तर: B. अपरदन
व्याख्या: मिट्टी की ऊपरी उपजाऊ परत का हट जाना मृदा अपरदन कहलाता है। यह जल, वायु या मानवीय गतिविधियों के कारण होता है। इससे कृषि उत्पादकता कम होती है। भारत में यह एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या है।
69. जलोढ़ मिट्टी में कौन-सा तत्व पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है?
A. पोटाश
B. ह्यूमस
C. नाइट्रोजन
D. फॉस्फोरस
उत्तर: A. पोटाश
व्याख्या: जलोढ़ मिट्टी में पोटाश और चूना पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। यह मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ होती है। गेहूँ, धान और गन्ना जैसी फसलों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। भारत का प्रमुख कृषि क्षेत्र इसी मिट्टी पर आधारित है।
70. मिट्टी संरक्षण के लिए ‘शेल्टर बेल्ट’ का उपयोग कहाँ किया जाता है?
A. पर्वतीय क्षेत्र
B. तटीय क्षेत्र
C. मरुस्थलीय क्षेत्र
D. नदी घाटी
उत्तर: C. मरुस्थलीय क्षेत्र
व्याख्या: शेल्टर बेल्ट में वृक्षों की कतारें लगाई जाती हैं। ये तेज हवाओं को रोकती हैं। इससे वायु अपरदन कम होता है। राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में इसका व्यापक उपयोग किया जाता है।
71. पर्वतीय मिट्टी में कौन-सी फसल प्रमुख रूप से उगाई जाती है?
A. कपास
B. चाय
C. गन्ना
D. जूट
उत्तर: B. चाय
व्याख्या: पर्वतीय मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा अधिक होती है। हिमालय और पहाड़ी क्षेत्रों में चाय की खेती व्यापक रूप से की जाती है। दार्जिलिंग और कांगड़ा इसके प्रमुख उदाहरण हैं। ऊँचाई और जलवायु चाय उत्पादन के लिए अनुकूल होती है।
72. मृदा अपरदन की कौन-सी प्रक्रिया नालियाँ बनाती है?
A. वायु अपरदन
B. शीट अपरदन
C. गली अपरदन
D. निक्षेपण
उत्तर: C. गली अपरदन
व्याख्या: गली अपरदन में बहता हुआ जल मिट्टी को काटकर गहरी नालियाँ बना देता है। यह समस्या चंबल क्षेत्र में विशेष रूप से देखी जाती है। इससे कृषि भूमि अनुपयोगी हो सकती है। मृदा संरक्षण के लिए विशेष उपाय आवश्यक होते हैं।
73. भारत में ‘खादर’ मिट्टी कहाँ पाई जाती है?
A. दक्कन पठार
B. नदी बाढ़ क्षेत्र
C. पश्चिमी घाट
D. अरावली क्षेत्र
उत्तर: B. नदी बाढ़ क्षेत्र
व्याख्या: खादर नई जलोढ़ मिट्टी है जो नदियों द्वारा प्रतिवर्ष जमा की जाती है। यह बाढ़ वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। इसमें पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। कृषि की दृष्टि से यह अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है।
74. मृदा संरक्षण हेतु फसल चक्र का मुख्य लाभ क्या है?
A. भूमि कटाव बढ़ाना
B. मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना
C. लवणता बढ़ाना
D. जलभराव बढ़ाना
उत्तर: B. मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना
व्याख्या: फसल चक्र मिट्टी के पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखता है। विभिन्न फसलें अलग-अलग पोषक तत्वों का उपयोग करती हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है। टिकाऊ कृषि के लिए यह महत्वपूर्ण तकनीक है।
75. भारत में सबसे अधिक लेटराइट मिट्टी किस क्षेत्र में मिलती है?
A. पश्चिमी घाट
B. पंजाब मैदान
C. गंगा मैदान
D. राजस्थान
उत्तर: A. पश्चिमी घाट
व्याख्या: पश्चिमी घाट में भारी वर्षा और उच्च तापमान के कारण लेटराइट मिट्टी विकसित हुई है। यह लौह और एल्युमिनियम से समृद्ध होती है। बागानी फसलों के लिए इसका उपयोग किया जाता है। दक्षिण भारत में इसका व्यापक विस्तार है।
76. मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने के लिए क्या डाला जाता है?
A. रासायनिक कीटनाशक
B. हरी खाद
C. नमक
D. जिप्सम
उत्तर: B. हरी खाद
व्याख्या: हरी खाद मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाती है। इससे ह्यूमस का निर्माण होता है। मिट्टी की संरचना और उर्वरता दोनों में सुधार होता है। टिकाऊ कृषि में इसका महत्वपूर्ण स्थान है।
77. भारत की कौन-सी मिट्टी में नमी संरक्षण की क्षमता सबसे अधिक होती है?
A. लाल मिट्टी
B. जलोढ़ मिट्टी
C. काली मिट्टी
D. मरुस्थलीय मिट्टी
उत्तर: C. काली मिट्टी
व्याख्या: काली मिट्टी में चिकनी मिट्टी के कण अधिक होते हैं। यह लंबे समय तक पानी को रोककर रखती है। यही कारण है कि यह कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी उपयोगी रहती है। कपास की खेती के लिए इसकी विशेष उपयोगिता है।
78. मृदा संरक्षण में ‘अफॉरेस्टेशन’ का अर्थ क्या है?
A. सिंचाई
B. उर्वरक प्रयोग
C. वृक्षारोपण
D. जुताई
उत्तर: C. वृक्षारोपण
व्याख्या: अफॉरेस्टेशन का अर्थ नए क्षेत्रों में वन विकसित करना है। वृक्ष मिट्टी को बांधकर रखते हैं। इससे जल और वायु अपरदन कम होता है। पर्यावरण संरक्षण में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है।
79. भारत की लाल मिट्टी में कौन-सी फसल सामान्यतः उगाई जाती है?
A. कपास
B. बाजरा
C. मूंगफली
D. जूट
उत्तर: C. मूंगफली
व्याख्या: लाल मिट्टी में मूंगफली, बाजरा और दालों की खेती की जाती है। उचित सिंचाई और उर्वरक प्रयोग से इसकी उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है। दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में मूंगफली उत्पादन इसी मिट्टी पर आधारित है।
80. भारत में मिट्टी संरक्षण की आवश्यकता का मुख्य कारण क्या है?
A. अधिक खनिज उत्पादन
B. कृषि भूमि की रक्षा
C. औद्योगिक विकास
D. शहरीकरण
उत्तर: B. कृषि भूमि की रक्षा
व्याख्या: मृदा अपरदन से उपजाऊ भूमि की गुणवत्ता घटती है। कृषि उत्पादन प्रभावित होता है। खाद्य सुरक्षा बनाए रखने के लिए मिट्टी का संरक्षण आवश्यक है। भारत में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था होने के कारण इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
soil mock test – Soil GK MCQ Questions 81–100
81. भारत में काली मिट्टी का सर्वाधिक उपयोग किस फसल के लिए किया जाता है?
A. जूट
B. चाय
C. कपास
D. गेहूँ
उत्तर: C. कपास
व्याख्या: काली मिट्टी को कपास मिट्टी भी कहा जाता है। इसकी जलधारण क्षमता अधिक होती है। यह दक्कन ट्रैप क्षेत्र में व्यापक रूप से पाई जाती है। महाराष्ट्र और गुजरात कपास उत्पादन के प्रमुख राज्य हैं।
82. मृदा अपरदन से बनने वाली गहरी खाइयों को क्या कहा जाता है?
A. बांगर
B. खादर
C. बीहड़
D. डेल्टा
उत्तर: C. बीहड़
व्याख्या: गली अपरदन के कारण भूमि पर गहरी खाइयाँ बन जाती हैं जिन्हें बीहड़ कहा जाता है। चंबल घाटी इसका प्रमुख उदाहरण है। इससे कृषि भूमि का बड़ा भाग अनुपयोगी हो जाता है। मृदा संरक्षण के लिए विशेष उपाय आवश्यक होते हैं।
83. भारत की लाल मिट्टी मुख्यतः किस फसल के लिए उपयुक्त मानी जाती है?
A. मूंगफली
B. जूट
C. चाय
D. गन्ना
उत्तर: A. मूंगफली
व्याख्या: लाल मिट्टी में मूंगफली, बाजरा और दालों की खेती की जाती है। यह मिट्टी दक्षिण भारत के कई राज्यों में पाई जाती है। इसमें लौह तत्व अधिक होता है। उर्वरकों के उपयोग से इसकी उत्पादकता बढ़ाई जाती है।
84. मिट्टी के O क्षितिज में मुख्यतः क्या पाया जाता है?
A. चट्टानें
B. ह्यूमस
C. बालू
D. लवण
उत्तर: B. ह्यूमस
व्याख्या: O क्षितिज मृदा प्रोफ़ाइल की सबसे ऊपरी परत होती है। इसमें जैविक पदार्थ और ह्यूमस की मात्रा अधिक होती है। यह पौधों के पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। वन क्षेत्रों में यह परत अधिक विकसित होती है।
85. भारत की जलोढ़ मिट्टी किस प्रकार की मिट्टी मानी जाती है?
A. परिवहन मिट्टी
B. अवशिष्ट मिट्टी
C. ज्वालामुखीय मिट्टी
D. पर्वतीय मिट्टी
उत्तर: A. परिवहन मिट्टी
व्याख्या: जलोढ़ मिट्टी नदियों द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाए गए अवसादों से बनती है। इसलिए इसे परिवहन मिट्टी कहा जाता है। यह अत्यधिक उपजाऊ होती है। भारत का प्रमुख कृषि क्षेत्र इसी मिट्टी पर स्थित है।
86. मृदा संरक्षण हेतु ‘चेक डैम’ का उपयोग मुख्यतः किसलिए किया जाता है?
A. सिंचाई बढ़ाने के लिए
B. जल प्रवाह नियंत्रित करने के लिए
C. खनन कार्य के लिए
D. उद्योगों के लिए जल संग्रह हेतु
उत्तर: B. जल प्रवाह नियंत्रित करने के लिए
व्याख्या: चेक डैम छोटे अवरोधक बांध होते हैं। ये वर्षा जल के तेज बहाव को नियंत्रित करते हैं। इससे मिट्टी का कटाव कम होता है। भूजल पुनर्भरण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
87. भारत में क्षारीय मिट्टी को सुधारने के लिए किसका प्रयोग किया जाता है?
A. चूना
B. जिप्सम
C. नमक
D. ह्यूमस
उत्तर: B. जिप्सम
व्याख्या: जिप्सम का उपयोग क्षारीय मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के लिए किया जाता है। यह सोडियम की अधिकता को कम करने में सहायक होता है। कृषि योग्य भूमि बढ़ाने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। भारत के कई शुष्क क्षेत्रों में इसका उपयोग किया जाता है।
88. भारत की सबसे उपजाऊ मिट्टी कौन-सी मानी जाती है?
A. लाल मिट्टी
B. काली मिट्टी
C. जलोढ़ मिट्टी
D. लेटराइट मिट्टी
उत्तर: C. जलोढ़ मिट्टी
व्याख्या: जलोढ़ मिट्टी में पोटाश, चूना और अन्य पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। यह भारत की सबसे उत्पादक मिट्टी मानी जाती है। गेहूँ, धान, गन्ना और जूट जैसी फसलें इसमें उगाई जाती हैं। कृषि उत्पादन में इसका सबसे बड़ा योगदान है।
89. मृदा संरक्षण के लिए ‘टेरेस फार्मिंग’ कहाँ की जाती है?
A. मैदानों में
B. पठारों में
C. पर्वतीय ढालों पर
D. मरुस्थल में
उत्तर: C. पर्वतीय ढालों पर
व्याख्या: टेरेस फार्मिंग या सीढ़ीदार खेती पर्वतीय क्षेत्रों में अपनाई जाती है। इससे जल का बहाव नियंत्रित होता है। मिट्टी का कटाव कम होता है। हिमालयी क्षेत्रों में यह तकनीक व्यापक रूप से प्रचलित है।
90. काली मिट्टी में कौन-सी कमी सामान्यतः पाई जाती है?
A. चूना
B. लोहा
C. नाइट्रोजन
D. मैग्नीशियम
उत्तर: C. नाइट्रोजन
व्याख्या: काली मिट्टी में चूना, लोहा और मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। लेकिन नाइट्रोजन और फॉस्फोरस की कमी रहती है। इसलिए उर्वरकों का उपयोग आवश्यक होता है। यह तथ्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है।
91. भारत की लेटराइट मिट्टी किस रंग की होती है?
A. काली
B. लाल-भूरी
C. पीली
D. सफेद
उत्तर: B. लाल-भूरी
व्याख्या: लेटराइट मिट्टी में लौह और एल्युमिनियम ऑक्साइड की अधिकता होती है। इसी कारण इसका रंग लाल-भूरा दिखाई देता है। यह अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। दक्षिण भारत में इसका व्यापक विस्तार है।
92. मिट्टी के B क्षितिज को क्या कहा जाता है?
A. टॉप सॉयल
B. सब सॉयल
C. मूल शैल
D. जैविक परत
उत्तर: B. सब सॉयल
व्याख्या: B क्षितिज को उपमृदा या सब सॉयल कहा जाता है। इसमें ऊपर की परत से धुले हुए खनिज पदार्थ जमा होते हैं। यह पौधों की गहरी जड़ों के लिए महत्वपूर्ण होती है। मृदा प्रोफ़ाइल का यह प्रमुख भाग है।
93. भारत में मरुस्थलीय मिट्टी की प्रमुख समस्या क्या है?
A. जलभराव
B. अधिक नमी
C. कम जैविक पदार्थ
D. अधिक ह्यूमस
उत्तर: C. कम जैविक पदार्थ
व्याख्या: मरुस्थलीय मिट्टी में जैविक पदार्थ और नमी की मात्रा कम होती है। यह प्रायः रेतीली प्रकृति की होती है। वर्षा की कमी इसके विकास को प्रभावित करती है। सिंचाई से इसकी उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है।
94. जलोढ़ मिट्टी में जूट की खेती मुख्यतः किस क्षेत्र में की जाती है?
A. पंजाब
B. राजस्थान
C. पश्चिम बंगाल
D. गुजरात
उत्तर: C. पश्चिम बंगाल
व्याख्या: गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा क्षेत्र में जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है। यह जूट की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है। पश्चिम बंगाल भारत का प्रमुख जूट उत्पादक राज्य है। जूट उद्योग का विकास भी इसी क्षेत्र में हुआ है।
95. मृदा संरक्षण में ‘वनरोपण’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. खनिज उत्पादन बढ़ाना
B. मिट्टी को स्थिर रखना
C. उद्योग स्थापित करना
D. परिवहन बढ़ाना
उत्तर: B. मिट्टी को स्थिर रखना
व्याख्या: वृक्षों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से पकड़कर रखती हैं। इससे जल और वायु अपरदन कम होता है। वनरोपण पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण साधन है। मृदा संरक्षण योजनाओं में इसे प्रमुख स्थान दिया जाता है।
96. भारत में काली मिट्टी का निर्माण किस प्रकार की चट्टानों से हुआ है?
A. ग्रेनाइट
B. बेसाल्ट
C. बलुआ पत्थर
D. संगमरमर
उत्तर: B. बेसाल्ट
व्याख्या: दक्कन ट्रैप क्षेत्र की बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से काली मिट्टी बनी है। यह ज्वालामुखीय मूल की मिट्टी है। इसकी संरचना कृषि के लिए अनुकूल मानी जाती है। कपास उत्पादन में इसका विशेष महत्व है।
97. मृदा प्रोफ़ाइल का सबसे निचला भाग कौन-सा होता है?
A. A क्षितिज
B. B क्षितिज
C. C क्षितिज
D. मूल शैल
उत्तर: D. मूल शैल
व्याख्या: मूल शैल वह आधार चट्टान होती है जिससे मिट्टी का निर्माण होता है। यह मृदा प्रोफ़ाइल की सबसे निचली परत होती है। अपक्षय प्रक्रिया के माध्यम से यही मिट्टी में परिवर्तित होती है। मृदा निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
98. भारत में लाल और पीली मिट्टी का निर्माण किस कारण होता है?
A. नाइट्रोजन की अधिकता
B. लौह यौगिकों की उपस्थिति
C. चूने की अधिकता
D. ह्यूमस की अधिकता
उत्तर: B. लौह यौगिकों की उपस्थिति
व्याख्या: लाल और पीली मिट्टी में लौह तत्व प्रमुख रूप से पाया जाता है। लौह ऑक्साइड लाल रंग देता है जबकि जलयोजित लौह पीला रंग उत्पन्न करता है। यह मिट्टी दक्षिण एवं पूर्वी भारत में व्यापक रूप से पाई जाती है।
99. मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए सबसे उपयुक्त जैविक उपाय कौन-सा है?
A. कीटनाशक
B. रासायनिक उर्वरक
C. कम्पोस्ट खाद
D. जिप्सम
उत्तर: C. कम्पोस्ट खाद
व्याख्या: कम्पोस्ट खाद जैविक पदार्थों के अपघटन से तैयार की जाती है। यह मिट्टी में ह्यूमस बढ़ाती है। जलधारण क्षमता और सूक्ष्मजीव गतिविधि में सुधार करती है। टिकाऊ कृषि के लिए यह महत्वपूर्ण साधन है।
100. भारत में मृदा संरक्षण का सबसे बड़ा लाभ क्या है?
A. उद्योगों का विकास
B. खनिज उत्पादन में वृद्धि
C. कृषि उत्पादकता बनाए रखना
D. शहरीकरण बढ़ाना
उत्तर: C. कृषि उत्पादकता बनाए रखना
व्याख्या: मृदा संरक्षण से मिट्टी की उपजाऊ परत सुरक्षित रहती है। कृषि उत्पादन स्थिर और टिकाऊ बना रहता है। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए मृदा संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
कौन सा भूगोल मिट्टी के प्रकार और उनके गठन से संबंधित है?
मिट्टी के प्रकार, उनकी संरचना, निर्माण प्रक्रिया और वितरण का अध्ययन मृदा भूगोल (Soil Geography) के अंतर्गत किया जाता है। यह भौतिक भूगोल की एक महत्वपूर्ण शाखा है जो मिट्टी और पर्यावरण के संबंधों का अध्ययन करती है।
मिट्टी के भौगोलिक कारक क्या हैं?
मिट्टी के निर्माण को प्रभावित करने वाले प्रमुख भौगोलिक कारकों में जलवायु, मूल शैल (Parent Rock), स्थलाकृति, वनस्पति, जीव-जंतु और समय शामिल हैं। इन कारकों के संयुक्त प्रभाव से विभिन्न प्रकार की मिट्टियों का विकास होता है।
7 प्रकार की मिट्टी कौन सी हैं?
भारत में सामान्यतः निम्न 7 प्रमुख प्रकार की मिट्टियाँ पाई जाती हैं:
जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil)
काली मिट्टी (Black Soil)
लाल मिट्टी (Red Soil)
लेटराइट मिट्टी (Laterite Soil)
मरुस्थलीय मिट्टी (Desert Soil)
पर्वतीय/वन मिट्टी (Mountain Forest Soil)
लवणीय एवं क्षारीय मिट्टी (Saline and Alkaline Soil)
मिट्टी के 8 प्रकार कौन से हैं?
भूगोल में भारत की प्रमुख 8 मिट्टी श्रेणियाँ इस प्रकार मानी जाती हैं:
जलोढ़ मिट्टी
काली मिट्टी
लाल एवं पीली मिट्टी
लेटराइट मिट्टी
मरुस्थलीय मिट्टी
पर्वतीय एवं वन मिट्टी
लवणीय एवं क्षारीय मिट्टी
पीट एवं दलदली मिट्टी
निष्कर्ष
मिट्टी किसी भी देश की कृषि और खाद्य सुरक्षा की आधारशिला होती है। भारत की विभिन्न मिट्टियाँ अपनी अलग विशेषताओं के कारण अलग-अलग फसलों के लिए उपयुक्त हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में मिट्टी के प्रकार, वितरण, गुण तथा मृदा संरक्षण से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। यदि आप मिट्टी के निर्माण, विशेषताओं और उपयोग को अच्छी तरह समझ लेते हैं, तो भूगोल का यह महत्वपूर्ण विषय आपके लिए आसान और स्कोरिंग बन सकता है।