
Ancient History Mock Test के इस सेट में प्रागैतिहासिक काल से संबंधित 100 महत्वपूर्ण MCQs शामिल हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे SSC, UPSC, Railway, Banking, Police, CTET, REET, NDA, CDS, State PCS, Patwari तथा अन्य सरकारी परीक्षाओं में प्रागैतिहासिक काल, पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल, मानव विकास, पत्थर के औजार, भीमबेटका शैलचित्र, आग की खोज, कृषि की शुरुआत, पशुपालन तथा प्रारंभिक मानव जीवन से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। Ancient History Mock Test में प्रत्येक प्रश्न के साथ उत्तर और विस्तृत व्याख्या दी गई है, जिससे परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले तथ्यों का प्रभावी अभ्यास किया जा सके।
Ancient History Mock Test – प्रागैतिहासिक काल MCQ Questions 1–20
1. प्रागैतिहासिक काल किसे कहा जाता है?
A. जब लिपि का आविष्कार हो चुका था
B. जब मानव ने धातु का उपयोग शुरू किया था
C. जब लेखन कला का विकास नहीं हुआ था
D. जब नगरों का विकास हो चुका था
उत्तर: C
प्रागैतिहासिक काल वह समय है जब मानव लेखन कला से परिचित नहीं था।
इस काल का इतिहास लिखित स्रोतों के बजाय पुरातात्त्विक अवशेषों से जाना जाता है।
पत्थर के औजार, जीवाश्म, शैलचित्र और मानव अस्थियाँ इसके प्रमुख प्रमाण हैं।
इसके बाद ऐतिहासिक काल में लिखित अभिलेख उपलब्ध होने लगते हैं।
2. प्रागैतिहासिक काल का अध्ययन मुख्यतः किसके आधार पर किया जाता है?
A. अभिलेखों के आधार पर
B. साहित्यिक ग्रंथों के आधार पर
C. पुरातात्त्विक साक्ष्यों के आधार पर
D. विदेशी यात्रियों के विवरण के आधार पर
उत्तर: C
इस काल में लिखित अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं।
खुदाई से प्राप्त औजार, मिट्टी के अवशेष, जीवाश्म और शैलचित्र अध्ययन का आधार बनते हैं।
पुरातत्वविद् इन साक्ष्यों के आधार पर मानव जीवन का पुनर्निर्माण करते हैं।
भारत में भीमबेटका और बेलन घाटी ऐसे महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक क्षेत्र हैं।
3. प्रागैतिहासिक काल का सबसे प्रारंभिक चरण कौन-सा है?
A. मध्यपाषाण काल
B. नवपाषाण काल
C. पुरापाषाण काल
D. ताम्रपाषाण काल
उत्तर: C
पुरापाषाण काल मानव इतिहास का सबसे प्रारंभिक चरण माना जाता है।
इस समय मानव शिकार और भोजन संग्रह पर निर्भर था।
पत्थर के खुरदरे औजारों का प्रयोग दैनिक कार्यों में किया जाता था।
इस काल की अवधि लाखों वर्षों तक फैली रही।
4. पुरापाषाण काल का प्रमुख व्यवसाय क्या था?
A. कृषि
B. पशुपालन
C. शिकार एवं भोजन संग्रह
D. व्यापार
उत्तर: C
मानव जंगली पशुओं का शिकार करता था और वनस्पतियों से भोजन एकत्र करता था।
खेती और पशुपालन का विकास अभी नहीं हुआ था।
भोजन की उपलब्धता के अनुसार मानव स्थान बदलता रहता था।
प्राकृतिक संसाधनों पर पूर्ण निर्भरता इस काल की प्रमुख विशेषता थी।
5. भारत में प्रागैतिहासिक शैलचित्रों के लिए प्रसिद्ध स्थल कौन-सा है?
A. साँची
B. भीमबेटका
C. नालंदा
D. तक्षशिला
उत्तर: B
भीमबेटका मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है।
यहाँ सैकड़ों शैलाश्रय और प्रागैतिहासिक चित्र प्राप्त हुए हैं।
चित्रों में शिकार, नृत्य, पशु तथा सामाजिक जीवन का चित्रण मिलता है।
यह स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
6. भीमबेटका किस राज्य में स्थित है?
A. राजस्थान
B. मध्य प्रदेश
C. उत्तर प्रदेश
D. छत्तीसगढ़
उत्तर: B
भीमबेटका विन्ध्य पर्वतमाला क्षेत्र में स्थित है।
यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण प्रागैतिहासिक शैलाश्रय स्थलों में गिना जाता है।
यहाँ विभिन्न कालों के शैलचित्र सुरक्षित मिले हैं।
इस क्षेत्र से मानव विकास के अनेक प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
7. पुरापाषाण काल में मानव मुख्यतः किस प्रकार के औजार बनाता था?
A. लोहे के
B. ताँबे के
C. पत्थर के
D. कांस्य के
उत्तर: C
औजार कठोर पत्थरों को तोड़कर तैयार किए जाते थे।
हाथ-कुल्हाड़ी, चॉपर और खुरचनी प्रमुख औजार थे।
इनका उपयोग शिकार, लकड़ी काटने और पशुओं की खाल उतारने में होता था।
धातुओं का उपयोग इस काल में नहीं होता था।
8. आग की खोज किस काल में मानी जाती है?
A. नवपाषाण काल
B. मध्यपाषाण काल
C. पुरापाषाण काल
D. लौह काल
उत्तर: C
आग ने मानव जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया।
भोजन पकाना, ठंड से बचाव और जंगली पशुओं से सुरक्षा संभव हुई।
आग के प्रयोग से भोजन अधिक सुपाच्य बनने लगा।
रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था भी संभव हुई।
9. प्रागैतिहासिक काल का प्रमुख स्रोत क्या है?
A. वेद
B. पुराण
C. पुरातात्त्विक अवशेष
D. अभिलेख
उत्तर: C
प्रागैतिहासिक काल के अध्ययन का आधार भौतिक अवशेष हैं।
खुदाई से प्राप्त औजार, अस्थियाँ, मिट्टी के अवशेष और शैलचित्र प्रमुख स्रोत हैं।
इनसे मानव के जीवन, भोजन और निवास का ज्ञान प्राप्त होता है।
लिखित इतिहास उपलब्ध न होने के कारण यही सबसे विश्वसनीय प्रमाण माने जाते हैं।
10. मानव ने स्थायी निवास की शुरुआत किस काल में की?
A. पुरापाषाण काल
B. मध्यपाषाण काल
C. नवपाषाण काल
D. ताम्रपाषाण काल
उत्तर: C
कृषि के विकास के साथ स्थायी बस्तियों का निर्माण प्रारंभ हुआ।
मानव ने मिट्टी और लकड़ी से घर बनाना शुरू किया।
गाँवों का प्रारंभिक विकास इसी काल में हुआ।
स्थायी जीवन से सामाजिक संगठन मजबूत हुआ।
11. कृषि का प्रारंभ किस काल में हुआ?
A. पुरापाषाण काल
B. मध्यपाषाण काल
C. नवपाषाण काल
D. लौह काल
उत्तर: C
नवपाषाण काल में मानव ने पहली बार अनाज उगाना शुरू किया।
खेती के कारण भोजन का नियमित स्रोत उपलब्ध हुआ।
स्थायी जीवन और ग्राम व्यवस्था का विकास हुआ।
इसी परिवर्तन को नवपाषाण क्रांति कहा जाता है।
12. पशुपालन की शुरुआत किस काल में हुई?
A. पुरापाषाण काल
B. मध्यपाषाण काल
C. नवपाषाण काल
D. ताम्रपाषाण काल
उत्तर: C
मानव ने कुत्ते सहित कई पशुओं को पालतू बनाना शुरू किया।
बाद में गाय, भेड़ और बकरी का पालन भी प्रारंभ हुआ।
पशुपालन से भोजन और श्रम दोनों में सहायता मिली।
कृषि और पशुपालन का विकास साथ-साथ हुआ।
13. पुरापाषाण काल का मानव किस प्रकार का जीवन व्यतीत करता था?
A. स्थायी
B. नगरों में
C. घुमंतू
D. कृषक
उत्तर: C
मानव भोजन की खोज में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाता था।
उसने स्थायी घर या गाँव नहीं बसाए थे।
गुफाएँ और प्राकृतिक शैलाश्रय अस्थायी निवास थे।
जीवन पूरी तरह प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित था।
14. प्रागैतिहासिक काल में मानव का प्रमुख आश्रय क्या था?
A. महल
B. मिट्टी के घर
C. गुफाएँ एवं शैलाश्रय
D. ईंट के मकान
उत्तर: C
प्राकृतिक गुफाएँ वर्षा, ठंड और जंगली पशुओं से सुरक्षा देती थीं।
अनेक गुफाओं में शैलचित्र भी बनाए गए।
भीमबेटका इसके प्रमुख उदाहरणों में शामिल है।
शैलाश्रयों से मानव के सामाजिक जीवन की जानकारी मिलती है।
15. मध्यपाषाण काल की प्रमुख विशेषता क्या थी?
A. लौह औजार
B. सूक्ष्म पाषाण औजार
C. कांस्य औजार
D. ताँबे के औजार
उत्तर: B
इस काल में माइक्रोलिथ नामक छोटे पत्थर के औजार बनाए गए।
ये पहले की तुलना में अधिक धारदार और उपयोगी थे।
इनका प्रयोग तीर, भाले और अन्य उपकरणों में किया जाता था।
शिकार की तकनीकों में भी सुधार हुआ।
16. नवपाषाण काल की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या मानी जाती है?
A. लेखन कला
B. कृषि का विकास
C. लौह धातु का उपयोग
D. मुद्रा का प्रचलन
उत्तर: B
कृषि के कारण भोजन उत्पादन संभव हुआ।
मानव ने स्थायी गाँव बसाए और खाद्यान्न संग्रह करना शुरू किया।
सामाजिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया।
इसी कारण इसे मानव सभ्यता के विकास का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
17. पहिए का उपयोग व्यापक रूप से किस काल में प्रारंभ हुआ?
A. पुरापाषाण काल
B. मध्यपाषाण काल
C. नवपाषाण काल
D. लौह काल
उत्तर: C
पहिए के उपयोग से परिवहन अधिक सरल हुआ।
कुम्हार के चाक का विकास भी इसी काल में हुआ।
मिट्टी के बर्तनों के निर्माण में तेजी आई।
मानव की तकनीकी प्रगति का यह महत्वपूर्ण चरण था।
18. प्रागैतिहासिक मानव का प्रमुख भोजन क्या था?
A. गेहूँ और चावल
B. कंद-मूल, फल तथा शिकार का मांस
C. दाल और रोटी
D. केवल दूध
उत्तर: B
मानव जंगलों से फल और कंद-मूल एकत्र करता था।
शिकार किए गए पशुओं का मांस भी भोजन का प्रमुख स्रोत था।
कृषि के अभाव में भोजन पूरी तरह प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर था।
मौसम और क्षेत्र के अनुसार भोजन में परिवर्तन होता था।
19. प्रागैतिहासिक काल की जानकारी देने वाला प्रमुख वैज्ञानिक अध्ययन क्या कहलाता है?
A. समाजशास्त्र
B. पुरातत्व
C. अर्थशास्त्र
D. राजनीति विज्ञान
उत्तर: B
पुरातत्व विज्ञान प्राचीन अवशेषों के वैज्ञानिक अध्ययन से संबंधित है।
खुदाई में प्राप्त वस्तुओं का विश्लेषण करके इतिहास का पुनर्निर्माण किया जाता है।
कार्बन डेटिंग जैसी वैज्ञानिक विधियाँ काल निर्धारण में सहायक होती हैं।
इससे मानव सभ्यता के प्रारंभिक विकास का क्रम ज्ञात होता है।
20. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रागैतिहासिक काल का भाग नहीं है?
A. पुरापाषाण काल
B. मध्यपाषाण काल
C. नवपाषाण काल
D. गुप्त काल
उत्तर: D
गुप्त काल ऐतिहासिक युग का महत्वपूर्ण राजवंशीय काल है।
इस समय अभिलेख, सिक्के और साहित्यिक स्रोत उपलब्ध हैं।
प्रागैतिहासिक काल में लेखन कला का विकास नहीं हुआ था।
इसलिए गुप्त काल को प्रागैतिहासिक काल में शामिल नहीं किया जाता है।
Ancient History Mock Test – प्रागैतिहासिक काल MCQ Questions 21–40
21. नवपाषाण काल में मानव ने सबसे पहले किस कार्य को अपनाया?
A. व्यापार
B. कृषि
C. मुद्रा निर्माण
D. लौह गलाना
उत्तर: B
नवपाषाण काल में मानव ने व्यवस्थित रूप से कृषि करना प्रारंभ किया।
खेती के कारण भोजन का स्थायी स्रोत उपलब्ध हुआ और घुमंतू जीवन समाप्त होने लगा।
कृषि के साथ स्थायी गाँवों और सामाजिक संगठन का विकास हुआ।
इसी परिवर्तन को मानव इतिहास की नवपाषाण क्रांति कहा जाता है।
22. प्रागैतिहासिक काल में मानव द्वारा सबसे पहले पालतू बनाया गया पशु कौन-सा था?
A. घोड़ा
B. गाय
C. कुत्ता
D. भेड़
उत्तर: C
कुत्ता मानव द्वारा पालतू बनाया गया पहला पशु माना जाता है।
यह शिकार, सुरक्षा और साथ रहने में उपयोगी था।
बाद में गाय, भेड़, बकरी तथा अन्य पशुओं का पालन प्रारंभ हुआ।
पशुपालन ने स्थायी जीवन और कृषि को गति प्रदान की।
23. भारत में पुरापाषाण संस्कृति का प्रमुख स्थल कौन-सा है?
A. हड़प्पा
B. हुंसगी
C. लोथल
D. कालीबंगन
उत्तर: B
हुंसगी कर्नाटक का प्रमुख पुरापाषाणकालीन स्थल है।
यहाँ से बड़ी संख्या में पत्थर के औजार प्राप्त हुए हैं।
इन अवशेषों से प्रारंभिक मानव की जीवन शैली का ज्ञान मिलता है।
दक्षिण भारत के प्रमुख प्रागैतिहासिक स्थलों में इसका महत्वपूर्ण स्थान है।
24. मध्यपाषाण काल के छोटे पत्थर के औजार क्या कहलाते हैं?
A. हैंडऐक्स
B. माइक्रोलिथ
C. सेल्ट
D. स्क्रेपर
उत्तर: B
माइक्रोलिथ अत्यंत छोटे एवं धारदार पत्थर के औजार थे।
इनका उपयोग तीर, भाले तथा लकड़ी के उपकरणों में किया जाता था।
मध्यपाषाण काल में शिकार की तकनीक पहले की तुलना में अधिक विकसित हुई।
भारत के अनेक मध्यपाषाण स्थलों से माइक्रोलिथ प्राप्त हुए हैं।
25. भीमबेटका के शैलचित्र मुख्यतः किससे संबंधित हैं?
A. व्यापारिक गतिविधियाँ
B. युद्ध
C. शिकार एवं दैनिक जीवन
D. समुद्री यात्रा
उत्तर: C
भीमबेटका के चित्रों में शिकार, नृत्य, पशु और सामूहिक जीवन का चित्रण मिलता है।
इन चित्रों से प्रागैतिहासिक मानव की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी मिलती है।
चित्रों में लाल, सफेद तथा हरे रंग का प्रयोग भी मिलता है।
ये भारत की प्राचीन कला के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।
26. नवपाषाण काल में मानव द्वारा बनाए गए औजारों की प्रमुख विशेषता क्या थी?
A. खुरदरे और बिना घिसे हुए
B. पॉलिश किए हुए पत्थर के औजार
C. कांस्य के बने औजार
D. लोहे के बने औजार
उत्तर: B
नवपाषाण काल में पत्थर के औजारों को घिसकर चिकना बनाया जाता था।
इन औजारों की धार अधिक तेज और टिकाऊ होती थी।
कुल्हाड़ी, हंसिया और अन्य कृषि उपकरण इसी प्रकार बनाए जाते थे।
इन्हीं औजारों ने कृषि कार्य को अधिक प्रभावी बनाया।
27. भारत में नवपाषाण काल का प्रसिद्ध स्थल कौन-सा है?
A. मेहरगढ़
B. बुर्जहोम
C. तक्षशिला
D. श्रावस्ती
उत्तर: B
बुर्जहोम जम्मू-कश्मीर का प्रसिद्ध नवपाषाणकालीन स्थल है।
यहाँ गड्ढेनुमा घरों के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
मानव एवं कुत्ते के संयुक्त दफन के प्रमाण भी यहाँ मिले हैं।
यह स्थल नवपाषाण संस्कृति के अध्ययन में विशेष महत्व रखता है।
28. गड्ढेनुमा आवासों के लिए कौन-सा स्थल प्रसिद्ध है?
A. चिरांद
B. बुर्जहोम
C. आदिचनल्लूर
D. ब्रह्मगिरि
उत्तर: B
बुर्जहोम में मानव गड्ढों के भीतर बने आवासों में रहता था।
इन आवासों तक पहुँचने के लिए सीढ़ियों का उपयोग किया जाता था।
यह निर्माण शैली ठंडे मौसम से सुरक्षा प्रदान करती थी।
भारतीय नवपाषाण संस्कृति की यह महत्वपूर्ण विशेषता है।
29. मेहरगढ़ वर्तमान में किस देश में स्थित है?
A. भारत
B. नेपाल
C. पाकिस्तान
D. अफगानिस्तान
उत्तर: C
मेहरगढ़ पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है।
यह दक्षिण एशिया के सबसे प्राचीन कृषि एवं पशुपालन केंद्रों में से एक माना जाता है।
यहाँ से गेहूँ, जौ और पालतू पशुओं के प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
यह स्थल सिंधु सभ्यता से भी पूर्व की संस्कृति को दर्शाता है।
30. नवपाषाण काल में मिट्टी के बर्तनों का निर्माण मुख्यतः किस उद्देश्य से किया जाता था?
A. युद्ध के लिए
B. भोजन पकाने एवं भंडारण के लिए
C. मुद्रा बनाने के लिए
D. हथियार बनाने के लिए
उत्तर: B
स्थायी जीवन के साथ अनाज और पानी के संग्रह की आवश्यकता बढ़ी।
मिट्टी के बर्तनों का उपयोग भोजन पकाने, भंडारण और दैनिक कार्यों में किया जाने लगा।
बाद में इन बर्तनों को सजाने के लिए विभिन्न प्रकार के अलंकरण भी किए गए।
कुम्हार के चाक के विकास से बर्तन निर्माण अधिक व्यवस्थित हुआ।
31. भारत का प्रमुख मध्यपाषाणकालीन स्थल बागोर किस राज्य में स्थित है?
A. मध्य प्रदेश
B. राजस्थान
C. गुजरात
D. उत्तर प्रदेश
उत्तर: B
बागोर राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित है।
यहाँ से मध्यपाषाण एवं नवपाषाण काल के अवशेष प्राप्त हुए हैं।
पशुपालन और प्रारंभिक कृषि के प्रमाण भी इस स्थल से मिले हैं।
यह भारत के प्रमुख मध्यपाषाणकालीन स्थलों में गिना जाता है।
32. चिरांद नामक नवपाषाणकालीन स्थल किस राज्य में स्थित है?
A. बिहार
B. झारखंड
C. उत्तर प्रदेश
D. ओडिशा
उत्तर: A
चिरांद बिहार के सारण जिले में गंगा नदी के निकट स्थित है।
यहाँ से नवपाषाण एवं ताम्रपाषाण संस्कृति के प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
हड्डी के औजार, मिट्टी के बर्तन और कृषि के अवशेष मिले हैं।
यह पूर्वी भारत का महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक स्थल है।
33. प्रागैतिहासिक काल में सबसे पहले किस धातु का उपयोग प्रारंभ हुआ?
A. लोहा
B. ताँबा
C. चाँदी
D. सोना
उत्तर: B
पत्थर युग के बाद ताँबे का उपयोग प्रारंभ हुआ।
ताँबे के प्रयोग से ताम्रपाषाण संस्कृति का विकास हुआ।
ताँबा अपेक्षाकृत नरम धातु होने के कारण आसानी से आकार दिया जा सकता था।
इसके बाद कांस्य और फिर लोहे का व्यापक उपयोग हुआ।
34. नवपाषाण काल में मानव द्वारा उगाई जाने वाली प्रमुख फसल कौन-सी थी?
A. कपास
B. गेहूँ और जौ
C. गन्ना
D. चाय
उत्तर: B
नवपाषाण काल में गेहूँ और जौ की खेती प्रारंभ हुई।
इन फसलों ने स्थायी कृषि व्यवस्था की नींव रखी।
मेहरगढ़ जैसे स्थलों से इनके प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
कृषि उत्पादन से खाद्य भंडारण की परंपरा विकसित हुई।
35. ‘सेल्ट’ किस प्रकार का औजार था?
A. कांस्य तलवार
B. पॉलिश की हुई पत्थर की कुल्हाड़ी
C. लोहे का भाला
D. ताँबे की छेनी
उत्तर: B
सेल्ट नवपाषाण काल का पॉलिश किया हुआ पत्थर का औजार था।
इसका उपयोग पेड़ काटने और कृषि कार्यों में किया जाता था।
इसकी धार खुरदरे पत्थर के औजारों की तुलना में अधिक तेज होती थी।
सेल्ट नवपाषाण तकनीक की महत्वपूर्ण पहचान है।
36. मानव द्वारा मृतकों को दफनाने की परंपरा किस काल में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है?
A. पुरापाषाण काल
B. मध्यपाषाण काल
C. नवपाषाण काल
D. वैदिक काल
उत्तर: C
नवपाषाण काल में व्यवस्थित दफन संस्कार के प्रमाण मिलते हैं।
कई स्थलों पर मृतकों के साथ दैनिक उपयोग की वस्तुएँ भी रखी गई हैं।
इससे धार्मिक विश्वासों और सामाजिक परंपराओं का संकेत मिलता है।
बुर्जहोम इसका प्रमुख उदाहरण है।
37. प्रागैतिहासिक काल के अध्ययन में कार्बन-14 विधि का उपयोग किस लिए किया जाता है?
A. धातु शुद्ध करने के लिए
B. प्राचीन वस्तुओं की आयु ज्ञात करने के लिए
C. शिलालेख पढ़ने के लिए
D. सिक्कों का निर्माण करने के लिए
उत्तर: B
कार्बन-14 डेटिंग जैविक अवशेषों की आयु निर्धारित करने की वैज्ञानिक विधि है।
इसका उपयोग लकड़ी, हड्डी, बीज और अन्य कार्बनिक पदार्थों पर किया जाता है।
पुरातत्व में काल निर्धारण के लिए यह महत्वपूर्ण तकनीक है।
इससे प्रागैतिहासिक संस्कृति के समय का अनुमान लगाया जाता है।
38. भारत में प्रागैतिहासिक मानव के सबसे पुराने औजार किस नदी घाटी से प्राप्त हुए हैं?
A. गंगा घाटी
B. नर्मदा घाटी
C. गोदावरी घाटी
D. महानदी घाटी
उत्तर: B
नर्मदा घाटी से प्रारंभिक मानव के अनेक पत्थर के औजार प्राप्त हुए हैं।
यह क्षेत्र पुरापाषाण संस्कृति के अध्ययन में महत्वपूर्ण माना जाता है।
नर्मदा क्षेत्र से मानव जीवाश्म भी प्राप्त हुए हैं।
मध्य भारत के प्रागैतिहासिक अध्ययन में इसका विशेष स्थान है।
39. मध्यपाषाण काल की प्रमुख आर्थिक गतिविधि क्या थी?
A. केवल कृषि
B. शिकार, मछली पकड़ना और भोजन संग्रह
C. अंतरराष्ट्रीय व्यापार
D. लौह उद्योग
उत्तर: B
मध्यपाषाण काल में शिकार और भोजन संग्रह जारी रहा।
नदियों एवं झीलों के किनारे मछली पकड़ने के प्रमाण भी मिले हैं।
कुछ क्षेत्रों में पशुपालन और प्रारंभिक कृषि का विकास प्रारंभ हो चुका था।
यह काल पुरापाषाण और नवपाषाण के बीच संक्रमण काल माना जाता है।
40. निम्नलिखित में से कौन-सा स्थल प्रागैतिहासिक शैलचित्रों के लिए प्रसिद्ध नहीं है?
A. भीमबेटका
B. आदमगढ़
C. लाखुडियार
D. मोहनजोदड़ो
उत्तर: D
मोहनजोदड़ो सिंधु सभ्यता का नगर था, प्रागैतिहासिक शैलचित्र स्थल नहीं।
भीमबेटका, आदमगढ़ और लाखुडियार शैलचित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं।
इन स्थलों से प्रागैतिहासिक मानव की कला और जीवन शैली की जानकारी मिलती है।
शैलचित्र भारत की प्रारंभिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।
Ancient History Mock Test – प्रागैतिहासिक काल MCQ Questions 41–60
41. भारत में मानव का सबसे प्राचीन जीवाश्म किस नदी घाटी से प्राप्त हुआ है?
A. गंगा घाटी
B. नर्मदा घाटी
C. गोदावरी घाटी
D. कावेरी घाटी
उत्तर: B
नर्मदा घाटी से मानव की प्राचीन खोपड़ी का जीवाश्म प्राप्त हुआ है।
इसे “नर्मदा मानव” के नाम से जाना जाता है।
यह भारतीय प्रागैतिहासिक मानव के अध्ययन का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
मध्य प्रदेश का हथनौरा क्षेत्र इस खोज के लिए प्रसिद्ध है।
42. पुरापाषाण काल में मानव मुख्यतः किस प्रकार के पत्थर का उपयोग औजार बनाने में करता था?
A. ग्रेनाइट
B. क्वार्टजाइट
C. संगमरमर
D. बेसाल्ट
उत्तर: B
पुरापाषाण काल में क्वार्टजाइट पत्थर का व्यापक उपयोग हुआ।
यह कठोर होने के कारण औजार निर्माण के लिए उपयुक्त था।
हाथ-कुल्हाड़ी और चॉपर जैसे औजार इसी पत्थर से बनाए जाते थे।
भारत के अनेक पुरापाषाण स्थलों से ऐसे औजार मिले हैं।
43. नवपाषाण काल में किस आविष्कार ने परिवहन और कुम्हारी दोनों को गति दी?
A. धातु
B. पहिया
C. हल
D. नाव
उत्तर: B
पहिए के उपयोग से परिवहन अधिक सरल और तेज हुआ।
कुम्हार के चाक के विकास से मिट्टी के बर्तन बेहतर बनने लगे।
यह मानव की तकनीकी प्रगति का महत्वपूर्ण चरण था।
नवपाषाण काल की प्रमुख उपलब्धियों में पहिए का विशेष स्थान है।
44. प्रागैतिहासिक काल का कौन-सा चरण ‘भोजन उत्पादक अवस्था’ कहलाता है?
A. पुरापाषाण काल
B. मध्यपाषाण काल
C. नवपाषाण काल
D. ताम्रपाषाण काल
उत्तर: C
नवपाषाण काल में मानव ने खेती और पशुपालन अपनाया।
भोजन संग्रह के स्थान पर भोजन उत्पादन प्रारंभ हुआ।
इसी कारण इसे Food Producing Stage कहा जाता है।
मानव जीवन में स्थायित्व इसी काल से आया।
45. बेलन घाटी किस राज्य में स्थित प्रमुख प्रागैतिहासिक क्षेत्र है?
A. बिहार
B. उत्तर प्रदेश
C. राजस्थान
D. महाराष्ट्र
उत्तर: B
बेलन घाटी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और मिर्जापुर क्षेत्र में स्थित है।
यहाँ पुरापाषाण से नवपाषाण काल तक के प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
प्रारंभिक कृषि के साक्ष्य भी इस क्षेत्र से मिले हैं।
भारतीय प्रागैतिहासिक अध्ययन में इसका महत्वपूर्ण स्थान है।
46. प्रागैतिहासिक काल में मानव ने सर्वप्रथम किस प्राकृतिक शक्ति पर नियंत्रण प्राप्त किया?
A. जल
B. वायु
C. अग्नि
D. धातु
उत्तर: C
अग्नि की खोज मानव विकास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक थी।
इससे भोजन पकाना, प्रकाश और सुरक्षा संभव हुई।
अग्नि ने ठंडे क्षेत्रों में मानव के विस्तार में भी सहायता की।
इस खोज से सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन आए।
47. नवपाषाण काल में किस प्रकार के घरों का निर्माण प्रारंभ हुआ?
A. ईंट के मकान
B. पत्थर के महल
C. मिट्टी, लकड़ी और घास-फूस के घर
D. बहुमंजिला भवन
उत्तर: C
स्थायी जीवन के कारण मानव ने स्थानीय सामग्री से घर बनाए।
मिट्टी, लकड़ी, बाँस और घास-फूस का व्यापक उपयोग किया गया।
इन घरों के आसपास कृषि भूमि और पशुओं के बाड़े बनाए जाते थे।
ग्राम जीवन की शुरुआत इसी काल में हुई।
48. प्रागैतिहासिक काल का अध्ययन करने वाला वैज्ञानिक क्या कहलाता है?
A. भूगोलवेत्ता
B. पुरातत्वविद्
C. समाजशास्त्री
D. अर्थशास्त्री
उत्तर: B
पुरातत्वविद् प्राचीन अवशेषों का वैज्ञानिक अध्ययन करता है।
खुदाई से प्राप्त वस्तुओं के आधार पर मानव इतिहास का पुनर्निर्माण किया जाता है।
औजार, अस्थियाँ, शैलचित्र और मिट्टी के बर्तन इसके प्रमुख स्रोत हैं।
प्रागैतिहासिक काल के अध्ययन में पुरातत्व का विशेष महत्व है।
49. भारत में नवपाषाण संस्कृति का दक्षिण भारतीय प्रमुख स्थल कौन-सा है?
A. पैयमपल्ली
B. तक्षशिला
C. हड़प्पा
D. रोपड़
उत्तर: A
पैयमपल्ली तमिलनाडु का प्रसिद्ध नवपाषाणकालीन स्थल है।
यहाँ से पॉलिश किए हुए पत्थर के औजार और मिट्टी के बर्तन मिले हैं।
कृषि और पशुपालन के प्रमाण भी प्राप्त हुए हैं।
दक्षिण भारत की नवपाषाण संस्कृति के अध्ययन में यह महत्वपूर्ण स्थल है।
50. प्रागैतिहासिक काल के बाद कौन-सा काल प्रारंभ होता है?
A. वैदिक काल
B. ऐतिहासिक काल
C. गुप्त काल
D. मध्यकाल
उत्तर: B
लेखन कला के विकास के साथ ऐतिहासिक काल का प्रारंभ माना जाता है।
इस काल में अभिलेख, साहित्य और लिखित स्रोत उपलब्ध होने लगते हैं।
लिखित प्रमाणों के आधार पर घटनाओं का क्रम स्पष्ट रूप से ज्ञात होता है।
प्रागैतिहासिक और ऐतिहासिक काल का प्रमुख अंतर लिखित स्रोतों की उपलब्धता है।
51. भारत में प्रागैतिहासिक शैलचित्रों का एक प्रमुख स्थल लाखुडियार किस राज्य में स्थित है?
A. हिमाचल प्रदेश
B. उत्तराखंड
C. राजस्थान
D. झारखंड
उत्तर: B
लाखुडियार उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित है।
यहाँ मानव, पशु तथा ज्यामितीय आकृतियों वाले शैलचित्र प्राप्त हुए हैं।
यह भारत के प्रमुख प्रागैतिहासिक कला स्थलों में शामिल है।
शैलचित्र प्रारंभिक मानव की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को दर्शाते हैं।
52. प्रागैतिहासिक काल में मानव का प्रमुख हथियार कौन-सा था?
A. तलवार
B. बंदूक
C. पत्थर का भाला एवं हाथ-कुल्हाड़ी
D. धनुष-बाण (लोहे का)
उत्तर: C
प्रारंभिक मानव पत्थर से बने हथियारों का उपयोग करता था।
हाथ-कुल्हाड़ी, भाला और चॉपर शिकार के प्रमुख साधन थे।
धातु के हथियारों का उपयोग बाद के कालों में प्रारंभ हुआ।
इन औजारों से भोजन प्राप्त करना और आत्मरक्षा संभव होती थी।
53. ‘Food Gathering Stage’ किस काल को कहा जाता है?
A. नवपाषाण काल
B. ताम्रपाषाण काल
C. पुरापाषाण काल
D. लौह काल
उत्तर: C
पुरापाषाण काल में मानव शिकार और भोजन संग्रह पर निर्भर था।
कृषि और पशुपालन का विकास इस समय नहीं हुआ था।
भोजन के लिए मानव प्राकृतिक संसाधनों पर आश्रित रहता था।
इसी कारण इसे भोजन संग्रह अवस्था कहा जाता है।
54. किस प्रागैतिहासिक स्थल से मानव एवं कुत्ते के संयुक्त दफन के प्रमाण मिले हैं?
A. चिरांद
B. मेहरगढ़
C. बुर्जहोम
D. बागोर
उत्तर: C
बुर्जहोम जम्मू-कश्मीर का प्रसिद्ध नवपाषाणकालीन स्थल है।
यहाँ मानव और कुत्ते के संयुक्त दफन के प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
यह प्रारंभिक मानव और पालतू पशुओं के संबंध को दर्शाता है।
भारतीय पुरातत्व में यह खोज विशेष महत्व रखती है।
55. प्रागैतिहासिक मानव ने सबसे पहले किस प्रकार की कला विकसित की?
A. मूर्तिकला
B. शैलचित्र कला
C. मंदिर वास्तुकला
D. धातु कला
उत्तर: B
गुफाओं और शैलाश्रयों की दीवारों पर चित्र बनाए जाते थे।
इनमें शिकार, पशु, नृत्य और दैनिक जीवन के दृश्य अंकित हैं।
भीमबेटका और लाखुडियार इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
ये चित्र मानव की प्रारंभिक कलात्मक अभिव्यक्ति माने जाते हैं।
56. प्रागैतिहासिक काल में कपड़े मुख्यतः किससे बनाए जाते थे?
A. रेशम
B. सूती वस्त्र
C. पशुओं की खाल एवं वृक्षों की छाल
D. ऊनी वस्त्र
उत्तर: C
प्रारंभिक मानव पशुओं की खाल और वृक्षों की छाल का उपयोग करता था।
इनसे शरीर को ठंड और प्राकृतिक परिस्थितियों से सुरक्षा मिलती थी।
वस्त्र निर्माण की उन्नत तकनीक बाद के कालों में विकसित हुई।
स्थायी जीवन के साथ वस्त्रों में भी परिवर्तन आया।
57. भारत में प्रागैतिहासिक मानव के अवशेषों के अध्ययन से संबंधित प्रमुख विज्ञान कौन-सा है?
A. पुरातत्व
B. अर्थशास्त्र
C. राजनीति विज्ञान
D. समाजशास्त्र
उत्तर: A
पुरातत्व प्राचीन मानव जीवन और अवशेषों का वैज्ञानिक अध्ययन करता है।
खुदाई से प्राप्त वस्तुओं के आधार पर इतिहास का पुनर्निर्माण किया जाता है।
प्रागैतिहासिक काल की अधिकांश जानकारी इसी विज्ञान से प्राप्त हुई है।
पुरातत्व और मानवशास्त्र का इसमें महत्वपूर्ण योगदान है।
58. प्रागैतिहासिक मानव द्वारा प्रयोग किए गए सबसे सामान्य औजार किस सामग्री से बने थे?
A. कांसा
B. लोहा
C. पत्थर
D. ताँबा
उत्तर: C
पत्थर सबसे आसानी से उपलब्ध प्राकृतिक संसाधन था।
इसी कारण प्रारंभिक औजार पत्थर से बनाए गए।
औजारों का स्वरूप समय के साथ अधिक परिष्कृत होता गया।
पत्थर युग का नाम भी इसी आधार पर रखा गया है।
59. प्रागैतिहासिक काल में मानव का प्रमुख निवास स्थान क्या था?
A. ईंट के मकान
B. गुफाएँ और शैलाश्रय
C. बहुमंजिला भवन
D. महल
उत्तर: B
प्राकृतिक गुफाएँ मानव को मौसम और जंगली पशुओं से सुरक्षा देती थीं।
कई गुफाओं में शैलचित्र भी बनाए गए हैं।
भीमबेटका ऐसे शैलाश्रयों का प्रमुख उदाहरण है।
स्थायी मकानों का निर्माण नवपाषाण काल में प्रारंभ हुआ।
60. प्रागैतिहासिक काल का विभाजन मुख्यतः किस आधार पर किया गया है?
A. राजवंशों के आधार पर
B. धर्म के आधार पर
C. औजारों एवं तकनीकी विकास के आधार पर
D. भाषा के आधार पर
उत्तर: C
प्रागैतिहासिक काल का वर्गीकरण औजारों की बनावट और तकनीक के अनुसार किया गया है।
इसी आधार पर पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल निर्धारित किए गए हैं।
प्रत्येक चरण में मानव जीवन और तकनीक में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए।
यह वर्गीकरण विश्व और भारतीय प्रागैतिहासिक अध्ययन में समान रूप से स्वीकार किया जाता है।
Ancient History Mock Test – प्रागैतिहासिक काल MCQ Questions 61–80
61. भारतीय उपमहाद्वीप में प्रागैतिहासिक मानव के सबसे पुराने साक्ष्य मुख्यतः कहाँ से प्राप्त हुए हैं?
A. दक्कन का पठार
B. शिवालिक एवं नर्मदा क्षेत्र
C. थार मरुस्थल
D. सुंदरवन क्षेत्र
उत्तर: B
शिवालिक पर्वतमाला और नर्मदा घाटी से प्रारंभिक मानव के अवशेष एवं पत्थर के औजार प्राप्त हुए हैं।
नर्मदा घाटी से मानव जीवाश्म भी मिले हैं।
ये क्षेत्र भारतीय प्रागैतिहासिक अध्ययन के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं।
इनसे प्रारंभिक मानव के विकास का क्रम ज्ञात होता है।
62. नवपाषाण काल में अनाज पीसने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता था?
A. चॉपर
B. सिल-बट्टा
C. भाला
D. स्क्रेपर
उत्तर: B
कृषि के विकास के साथ अनाज पीसने की आवश्यकता बढ़ी।
सिल-बट्टा और पीसने वाले पत्थरों का उपयोग इसी उद्देश्य से किया जाता था।
इनसे भोजन तैयार करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हुई।
ऐसे उपकरण अनेक नवपाषाण स्थलों से प्राप्त हुए हैं।
63. भीमबेटका के शैलचित्रों में किस रंग का सर्वाधिक प्रयोग हुआ है?
A. नीला
B. लाल
C. काला
D. पीला
उत्तर: B
भीमबेटका के अधिकांश चित्र लाल गेरू से बनाए गए हैं।
कुछ चित्रों में सफेद, हरा और पीला रंग भी मिलता है।
रंग प्राकृतिक खनिजों और वनस्पतियों से तैयार किए जाते थे।
इन चित्रों में शिकार और सामाजिक जीवन का चित्रण मिलता है।
64. पुरापाषाण काल का मानव भोजन प्राप्त करने के लिए किस पर निर्भर था?
A. कृषि
B. व्यापार
C. शिकार एवं भोजन संग्रह
D. पशुपालन
उत्तर: C
प्रारंभिक मानव जंगली पशुओं का शिकार करता था।
फल, कंद-मूल और बीज एकत्र कर भोजन प्राप्त करता था।
कृषि और पशुपालन का विकास बाद के कालों में हुआ।
इसी कारण यह भोजन संग्रह अवस्था कहलाती है।
65. भारत में नवपाषाण संस्कृति का प्रसिद्ध स्थल ‘कोलडिहवा’ किस राज्य में स्थित है?
A. उत्तर प्रदेश
B. बिहार
C. मध्य प्रदेश
D. गुजरात
उत्तर: A
कोलडिहवा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज क्षेत्र में स्थित है।
यहाँ से धान की प्रारंभिक खेती के प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
यह भारतीय कृषि इतिहास के महत्वपूर्ण स्थलों में गिना जाता है।
नवपाषाण संस्कृति के अध्ययन में इसका विशेष महत्व है।
66. प्रागैतिहासिक मानव ने सबसे पहले किस उद्देश्य से पत्थर के औजार बनाए?
A. व्यापार के लिए
B. शिकार और आत्मरक्षा के लिए
C. भवन निर्माण के लिए
D. सिक्के बनाने के लिए
उत्तर: B
पत्थर के औजारों का उपयोग शिकार और सुरक्षा के लिए किया जाता था।
इनसे पशुओं की खाल उतारने और लकड़ी काटने का कार्य भी किया जाता था।
हाथ-कुल्हाड़ी और चॉपर प्रमुख औजार थे।
औजारों ने मानव की जीवित रहने की क्षमता को बढ़ाया।
67. प्रागैतिहासिक काल में मानव के समूह में रहने का प्रमुख कारण क्या था?
A. व्यापार करना
B. सुरक्षा और सामूहिक शिकार
C. खेती करना
D. शिक्षा प्राप्त करना
उत्तर: B
समूह में रहने से जंगली पशुओं से सुरक्षा मिलती थी।
सामूहिक रूप से शिकार करना अधिक प्रभावी होता था।
समूह जीवन से सहयोग और सामाजिक व्यवहार का विकास हुआ।
मानव समाज की प्रारंभिक संरचना इसी आधार पर बनी।
68. नवपाषाण काल में मिट्टी के बर्तनों के निर्माण में किस तकनीक का उपयोग बढ़ा?
A. धातु ढलाई
B. कुम्हार का चाक
C. पत्थर तराशना
D. लौह गलाना
उत्तर: B
कुम्हार के चाक से गोल और मजबूत बर्तन बनाए जाने लगे।
इससे बर्तनों का उत्पादन अधिक व्यवस्थित हुआ।
भोजन पकाने और भंडारण में इनका व्यापक उपयोग हुआ।
यह नवपाषाण काल की महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि थी।
69. प्रागैतिहासिक काल में मानव का मुख्य निवास प्राकृतिक रूप से कहाँ होता था?
A. महलों में
B. गुफाओं एवं शैलाश्रयों में
C. ईंट के मकानों में
D. नगरों में
उत्तर: B
प्राकृतिक गुफाएँ मानव को मौसम और जंगली पशुओं से सुरक्षा देती थीं।
इन गुफाओं में अनेक स्थानों पर शैलचित्र भी बनाए गए हैं।
भीमबेटका ऐसे शैलाश्रयों का प्रमुख उदाहरण है।
स्थायी मकानों का निर्माण नवपाषाण काल में प्रारंभ हुआ।
70. नवपाषाण काल में मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन क्या था?
A. मुद्रा का प्रचलन
B. कृषि एवं स्थायी निवास का विकास
C. लौह धातु का उपयोग
D. नगरों की स्थापना
उत्तर: B
कृषि के कारण मानव ने स्थायी गाँव बसाने प्रारंभ किए।
पशुपालन और खाद्यान्न उत्पादन से जीवन अधिक संगठित हुआ।
सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को नई दिशा मिली।
इसी परिवर्तन को मानव सभ्यता के विकास का आधार माना जाता है।
71. प्रागैतिहासिक काल में मानव द्वारा उपयोग किया जाने वाला प्रमुख प्रकाश स्रोत क्या था?
A. बिजली
B. तेल का दीपक
C. अग्नि
D. गैस
उत्तर: C
अग्नि का उपयोग प्रकाश, भोजन पकाने और सुरक्षा के लिए किया जाता था।
इससे रात्रि में कार्य करना और ठंड से बचाव संभव हुआ।
अग्नि की खोज मानव सभ्यता की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में मानी जाती है।
इसने सामाजिक जीवन के विकास को भी गति दी।
72. नवपाषाण काल में मानव द्वारा बनाया गया प्रमुख कृषि उपकरण कौन-सा था?
A. पॉलिश की हुई पत्थर की कुल्हाड़ी
B. लोहे का हल
C. कांस्य तलवार
D. इस्पात की दरांती
उत्तर: A
पॉलिश की हुई पत्थर की कुल्हाड़ी से जंगल साफ किए जाते थे।
इससे कृषि योग्य भूमि तैयार करना आसान हुआ।
नवपाषाण काल में कृषि विस्तार में इस औजार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ऐसे औजार अनेक भारतीय स्थलों से प्राप्त हुए हैं।
73. प्रागैतिहासिक काल में मानव का प्रमुख सामाजिक संगठन किस पर आधारित था?
A. राज्य व्यवस्था
B. जनजातीय समूह
C. साम्राज्य
D. नगर प्रशासन
उत्तर: B
प्रारंभिक मानव छोटे-छोटे जनजातीय समूहों में रहता था।
समूह शिकार, भोजन संग्रह और सुरक्षा के लिए सहयोग करते थे।
परिवार और कबीले की अवधारणा का प्रारंभ इसी व्यवस्था से हुआ।
स्थायी प्रशासनिक व्यवस्था बाद के ऐतिहासिक काल में विकसित हुई।
74. भारत में प्रागैतिहासिक शैलचित्रों के लिए प्रसिद्ध आदमगढ़ किस राज्य में स्थित है?
A. मध्य प्रदेश
B. गुजरात
C. राजस्थान
D. महाराष्ट्र
उत्तर: A
आदमगढ़ मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (होशंगाबाद) क्षेत्र में स्थित है।
यहाँ से प्रागैतिहासिक शैलचित्र और पत्थर के औजार प्राप्त हुए हैं।
यह स्थल पुरापाषाण और मध्यपाषाण संस्कृति के अध्ययन में महत्वपूर्ण है।
आदमगढ़ और भीमबेटका दोनों मध्य प्रदेश के प्रमुख शैलचित्र स्थल हैं।
75. प्रागैतिहासिक काल में मानव का मुख्य आर्थिक आधार क्या था?
A. उद्योग
B. व्यापार
C. प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर जीवन
D. मुद्रा विनिमय
उत्तर: C
मानव शिकार, मछली पकड़ने और भोजन संग्रह पर निर्भर था।
प्राकृतिक संसाधन ही जीवन निर्वाह का प्रमुख साधन थे।
कृषि और व्यापार का विकास बाद के चरणों में हुआ।
इस काल की अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर और प्राकृतिक थी।
76. भारत में धान की प्रारंभिक खेती का प्रमाण किस नवपाषाण स्थल से प्राप्त हुआ है?
A. कोलडिहवा
B. बुर्जहोम
C. बागोर
D. पैयमपल्ली
उत्तर: A
कोलडिहवा उत्तर प्रदेश का प्रमुख नवपाषाण स्थल है।
यहाँ से धान की खेती के प्रारंभिक प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
यह भारतीय कृषि इतिहास की महत्वपूर्ण खोज मानी जाती है।
धान उत्पादन ने स्थायी कृषि व्यवस्था को मजबूत किया।
77. प्रागैतिहासिक मानव द्वारा उपयोग किया गया ‘हैंडऐक्स’ किस प्रकार का औजार था?
A. खेती का उपकरण
B. बहुउद्देशीय पत्थर का औजार
C. मिट्टी का बर्तन
D. आभूषण
उत्तर: B
हैंडऐक्स का उपयोग शिकार, लकड़ी काटने और मांस काटने में किया जाता था।
यह पुरापाषाण काल का प्रमुख औजार माना जाता है।
भारत के अनेक पुरातात्त्विक स्थलों से हैंडऐक्स प्राप्त हुए हैं।
यह प्रारंभिक तकनीकी विकास का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
78. नवपाषाण काल में भोजन के अतिरिक्त पशुओं का उपयोग किस कार्य में होने लगा?
A. केवल मनोरंजन के लिए
B. कृषि और परिवहन में सहायता के लिए
C. मुद्रा निर्माण के लिए
D. समुद्री व्यापार के लिए
उत्तर: B
पालतू पशुओं का उपयोग खेत जोतने और भार ढोने में होने लगा।
इससे कृषि उत्पादन और परिवहन दोनों में सुविधा हुई।
पशुपालन नवपाषाण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन गया।
मानव और पशुओं के बीच स्थायी संबंध इसी काल में विकसित हुए।
79. प्रागैतिहासिक काल में मानव द्वारा बनाए गए चित्रों का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
A. राजाओं का इतिहास लिखना
B. धार्मिक और दैनिक जीवन का चित्रण करना
C. व्यापारिक अभिलेख तैयार करना
D. कानून लिखना
उत्तर: B
शैलचित्रों में शिकार, नृत्य, पशु और सामूहिक गतिविधियाँ दिखाई देती हैं।
इनसे मानव के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की जानकारी मिलती है।
चित्र प्राकृतिक रंगों से गुफाओं और शैलाश्रयों की दीवारों पर बनाए गए।
ये प्रारंभिक कला और अभिव्यक्ति के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।
80. प्रागैतिहासिक काल का अंतिम चरण कौन-सा माना जाता है?
A. पुरापाषाण काल
B. मध्यपाषाण काल
C. नवपाषाण काल
D. लौह काल
उत्तर: C
प्रागैतिहासिक काल का अंतिम चरण नवपाषाण काल है।
इसी काल में कृषि, पशुपालन और स्थायी बस्तियों का विकास हुआ।
इसके बाद ताम्रपाषाण और ऐतिहासिक संस्कृतियों का क्रम प्रारंभ होता है।
मानव सभ्यता के संगठित विकास की नींव नवपाषाण काल में पड़ी।
Ancient History Mock Test – प्रागैतिहासिक काल MCQ Questions 81–100
81. प्रागैतिहासिक काल में मानव द्वारा उपयोग किया जाने वाला प्रमुख ईंधन क्या था?
A. कोयला
B. लकड़ी
C. पेट्रोलियम
D. गैस
उत्तर: B
अग्नि जलाने के लिए सूखी लकड़ियों और टहनियों का उपयोग किया जाता था।
लकड़ी से भोजन पकाने, प्रकाश और सुरक्षा की व्यवस्था होती थी।
ईंधन के रूप में प्राकृतिक संसाधनों पर पूर्ण निर्भरता थी।
वन मानव जीवन का प्रमुख आधार थे।
82. भारत में पुरापाषाण कालीन औजारों की खोज सर्वप्रथम किसने की थी?
A. अलेक्जेंडर कनिंघम
B. रॉबर्ट ब्रूस फूट
C. जॉन मार्शल
D. डी.आर. भंडारकर
उत्तर: B
रॉबर्ट ब्रूस फूट ने 1863 में पल्लवरम (तमिलनाडु) से पुरापाषाण औजार खोजे थे।
उन्हें भारतीय प्रागैतिहासिक पुरातत्व का जनक कहा जाता है।
उनकी खोज ने भारत में प्रागैतिहासिक अध्ययन की नींव रखी।
पल्लवरम भारतीय पुरातत्व का महत्वपूर्ण स्थल है।
83. पल्लवरम किस राज्य में स्थित प्रागैतिहासिक स्थल है?
A. कर्नाटक
B. तमिलनाडु
C. तेलंगाना
D. केरल
उत्तर: B
पल्लवरम चेन्नई के निकट तमिलनाडु में स्थित है।
यहीं से भारत के पहले पुरापाषाण औजार प्राप्त हुए थे।
इस खोज का श्रेय रॉबर्ट ब्रूस फूट को दिया जाता है।
यह भारतीय प्रागैतिहासिक अध्ययन का ऐतिहासिक स्थल है।
84. प्रागैतिहासिक काल में मिट्टी के बर्तनों का व्यापक उपयोग किस काल में हुआ?
A. पुरापाषाण काल
B. मध्यपाषाण काल
C. नवपाषाण काल
D. पुराण काल
उत्तर: C
नवपाषाण काल में भोजन संग्रह और भंडारण की आवश्यकता बढ़ी।
इसी कारण मिट्टी के बर्तनों का निर्माण और उपयोग बढ़ा।
कुम्हार के चाक के प्रयोग से बर्तन अधिक व्यवस्थित बनने लगे।
बर्तन कृषि आधारित जीवन का महत्वपूर्ण भाग थे।
85. प्रागैतिहासिक मानव का जीवन किस प्रकार की अर्थव्यवस्था पर आधारित था?
A. औद्योगिक अर्थव्यवस्था
B. प्राकृतिक अर्थव्यवस्था
C. पूँजीवादी अर्थव्यवस्था
D. मिश्रित अर्थव्यवस्था
उत्तर: B
मानव भोजन, जल और आश्रय के लिए प्रकृति पर निर्भर था।
शिकार, भोजन संग्रह और बाद में कृषि जीवन के प्रमुख आधार बने।
मुद्रा और व्यापार का विकास बाद के ऐतिहासिक काल में हुआ।
इसी कारण इसे प्राकृतिक अर्थव्यवस्था कहा जाता है।
86. भारत के किस प्रागैतिहासिक स्थल से चावल की खेती के प्रमाण प्राप्त हुए हैं?
A. बुर्जहोम
B. कोलडिहवा
C. बागोर
D. भीमबेटका
उत्तर: B
कोलडिहवा से धान की प्रारंभिक खेती के प्रमाण मिले हैं।
यह उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण नवपाषाणकालीन स्थल है।
यह खोज भारतीय कृषि इतिहास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
यहाँ से स्थायी कृषि जीवन के प्रमाण भी प्राप्त हुए हैं।
87. प्रागैतिहासिक काल में मानव ने सर्वप्रथम किस धातु का उपयोग किया?
A. लोहा
B. कांसा
C. ताँबा
D. चाँदी
उत्तर: C
पत्थर युग के बाद ताँबे का उपयोग प्रारंभ हुआ।
ताँबे के प्रयोग से ताम्रपाषाण संस्कृति का विकास हुआ।
यह धातु पत्थर की तुलना में अधिक उपयोगी सिद्ध हुई।
बाद में कांस्य और लोहे का उपयोग प्रारंभ हुआ।
88. भारत में प्रागैतिहासिक संस्कृति के अध्ययन में ‘हथनौरा’ किस कारण प्रसिद्ध है?
A. लौह उद्योग
B. मानव जीवाश्म
C. अशोक अभिलेख
D. बौद्ध स्तूप
उत्तर: B
हथनौरा मध्य प्रदेश की नर्मदा घाटी में स्थित है।
यहाँ से नर्मदा मानव की खोपड़ी का जीवाश्म प्राप्त हुआ था।
यह भारतीय मानव विकास के अध्ययन का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
मानव जीवाश्म के कारण यह स्थल विश्वभर में प्रसिद्ध है।
89. प्रागैतिहासिक काल में मानव की सबसे महत्वपूर्ण खोज कौन-सी मानी जाती है?
A. मुद्रा
B. अग्नि
C. लोहा
D. लेखन कला
उत्तर: B
अग्नि की खोज ने मानव जीवन में व्यापक परिवर्तन किए।
भोजन पकाना, सुरक्षा और प्रकाश की व्यवस्था संभव हुई।
ठंडे क्षेत्रों में निवास करना भी आसान हो गया।
मानव सभ्यता के विकास में अग्नि का विशेष योगदान माना जाता है।
90. निम्नलिखित में से कौन-सा स्थल प्रागैतिहासिक काल से संबंधित नहीं है?
A. भीमबेटका
B. बुर्जहोम
C. चिरांद
D. पाटलिपुत्र
उत्तर: D
पाटलिपुत्र ऐतिहासिक काल का प्रमुख नगर था।
भीमबेटका, बुर्जहोम और चिरांद प्रागैतिहासिक एवं नवपाषाण संस्कृति से जुड़े स्थल हैं।
पाटलिपुत्र मौर्य और गुप्त साम्राज्य की राजधानी रहा।
इसलिए इसे प्रागैतिहासिक स्थल नहीं माना जाता।
91. प्रागैतिहासिक काल में मानव का प्रमुख भोजन कौन-सा था?
A. गेहूँ और चावल
B. फल, कंद-मूल एवं शिकार का मांस
C. केवल दूध
D. दाल और रोटी
उत्तर: B
प्रारंभिक मानव जंगलों से फल, कंद-मूल और बीज एकत्र करता था।
शिकार किए गए पशुओं का मांस भी भोजन का प्रमुख स्रोत था।
कृषि के विकास से पहले भोजन पूरी तरह प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर था।
भोजन की उपलब्धता के अनुसार मानव स्थान बदलता रहता था।
92. नवपाषाण काल की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि कौन-सी थी?
A. समुद्री व्यापार
B. कृषि एवं पशुपालन
C. उद्योग
D. मुद्रा विनिमय
उत्तर: B
नवपाषाण काल में मानव ने खेती और पशुपालन को अपनाया।
इससे भोजन का स्थायी स्रोत विकसित हुआ।
स्थायी गाँवों और सामाजिक संगठन का विकास इसी परिवर्तन से हुआ।
मानव जीवन घुमंतू अवस्था से स्थायी अवस्था में पहुँचा।
93. प्रागैतिहासिक काल के अध्ययन में जीवाश्म किस प्रकार के स्रोत माने जाते हैं?
A. साहित्यिक स्रोत
B. पुरातात्त्विक स्रोत
C. धार्मिक स्रोत
D. विदेशी स्रोत
उत्तर: B
जीवाश्म प्राचीन मानव और जीवों के अवशेष होते हैं।
इनसे मानव के शारीरिक विकास और प्राचीन पर्यावरण का ज्ञान मिलता है।
नर्मदा मानव का जीवाश्म इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है।
पुरातत्व में जीवाश्मों का विशेष महत्व है।
94. प्रागैतिहासिक काल में शैलचित्र मुख्यतः कहाँ बनाए गए?
A. मंदिरों में
B. गुफाओं एवं शैलाश्रयों की दीवारों पर
C. राजमहलों में
D. स्तूपों पर
उत्तर: B
प्राकृतिक गुफाओं और शैलाश्रयों की दीवारों पर चित्र बनाए जाते थे।
इनमें शिकार, पशु, नृत्य और सामाजिक गतिविधियों का चित्रण मिलता है।
भीमबेटका और लाखुडियार इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
ये चित्र मानव की प्रारंभिक कला के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।
95. मध्यपाषाण काल का प्रमुख तकनीकी विकास क्या था?
A. लौह औजार
B. सूक्ष्म पाषाण औजार (माइक्रोलिथ)
C. कांस्य औजार
D. लेखन कला
उत्तर: B
मध्यपाषाण काल में छोटे और धारदार पत्थर के औजार विकसित हुए।
इनका उपयोग तीर, भाले तथा अन्य उपकरणों में किया जाता था।
इनसे शिकार की दक्षता में वृद्धि हुई।
माइक्रोलिथ मध्यपाषाण संस्कृति की प्रमुख पहचान हैं।
96. नवपाषाण काल में मानव ने भोजन संग्रह के स्थान पर क्या अपनाया?
A. व्यापार
B. कृषि उत्पादन
C. धातु उद्योग
D. समुद्री यात्रा
उत्तर: B
नवपाषाण काल में मानव ने स्वयं अन्न उगाना प्रारंभ किया।
भोजन उत्पादन से स्थायी जीवन और गाँवों का विकास हुआ।
इस परिवर्तन को नवपाषाण क्रांति कहा जाता है।
मानव अर्थव्यवस्था में यह सबसे बड़ा परिवर्तन था।
97. प्रागैतिहासिक काल में मानव द्वारा प्रयुक्त सबसे सामान्य आश्रय कौन-सा था?
A. ईंट के मकान
B. गुफाएँ एवं शैलाश्रय
C. महल
D. किले
उत्तर: B
गुफाएँ प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करती थीं।
मानव वर्षा, ठंड और जंगली पशुओं से बचने के लिए इनमें रहता था।
कई गुफाओं में शैलचित्र भी प्राप्त हुए हैं।
स्थायी मकानों का विकास नवपाषाण काल में हुआ।
98. ‘भारतीय प्रागैतिहासिक पुरातत्व का जनक’ किसे कहा जाता है?
A. जॉन मार्शल
B. अलेक्जेंडर कनिंघम
C. रॉबर्ट ब्रूस फूट
D. दयाराम साहनी
उत्तर: C
रॉबर्ट ब्रूस फूट ने भारत में सबसे पहले पुरापाषाण औजारों की खोज की थी।
उन्होंने 1863 में पल्लवरम से महत्वपूर्ण खोज की।
उनके कार्य से भारत में प्रागैतिहासिक अध्ययन को नई दिशा मिली।
इसी कारण उन्हें भारतीय प्रागैतिहासिक पुरातत्व का जनक कहा जाता है।
99. प्रागैतिहासिक काल की जानकारी का सबसे विश्वसनीय आधार क्या है?
A. पुराण
B. वेद
C. पुरातात्त्विक साक्ष्य
D. विदेशी यात्रियों के विवरण
उत्तर: C
प्रागैतिहासिक काल में लेखन कला का विकास नहीं हुआ था।
इसलिए औजार, जीवाश्म, शैलचित्र और मानव अवशेष प्रमुख प्रमाण हैं।
पुरातत्वविद् इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर इतिहास का अध्ययन करते हैं।
ये स्रोत प्रागैतिहासिक जीवन का वास्तविक चित्र प्रस्तुत करते हैं।
100. प्रागैतिहासिक काल का अध्ययन मुख्यतः किस विषय से संबंधित है?
A. आधुनिक राजनीति
B. प्रारंभिक मानव के जीवन एवं विकास
C. मध्यकालीन इतिहास
D. औद्योगिक क्रांति
उत्तर: B
प्रागैतिहासिक काल में प्रारंभिक मानव के जीवन, संस्कृति और तकनीक का अध्ययन किया जाता है।
इसमें पत्थर के औजार, शैलचित्र, जीवाश्म और पुरातात्त्विक स्थलों का विश्लेषण शामिल होता है।
मानव सभ्यता के प्रारंभिक विकास को समझने का यह प्रमुख आधार है।
भारतीय इतिहास की शुरुआत को समझने में इस काल का विशेष महत्व है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रागैतिहासिक काल क्या है?
प्रागैतिहासिक काल मानव इतिहास का वह समय है जब लेखन कला का विकास नहीं हुआ था। इस काल की जानकारी पुरातात्त्विक साक्ष्यों जैसे पत्थर के औजार, शैलचित्र, जीवाश्म और मानव अवशेषों से प्राप्त होती है।
प्रागैतिहासिक काल को कितने भागों में विभाजित किया गया है?
प्रागैतिहासिक काल को मुख्यतः तीन भागों में विभाजित किया जाता है—पुरापाषाण काल, मध्यपाषाण काल और नवपाषाण काल। प्रत्येक काल की अपनी विशिष्ट जीवनशैली, औजार और तकनीकी विशेषताएँ थीं।
प्रागैतिहासिक काल में मानव का प्रमुख व्यवसाय क्या था?
पुरापाषाण काल में मानव का मुख्य व्यवसाय शिकार और भोजन संग्रह था, जबकि नवपाषाण काल में कृषि और पशुपालन का विकास हुआ।
भारत का सबसे प्रसिद्ध प्रागैतिहासिक शैलचित्र स्थल कौन-सा है?
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित भीमबेटका भारत का सबसे प्रसिद्ध प्रागैतिहासिक शैलचित्र स्थल है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है।
नवपाषाण काल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि क्या थी?
नवपाषाण काल में कृषि, पशुपालन, स्थायी बस्तियों की स्थापना, पहिए का उपयोग और पॉलिश किए हुए पत्थर के औजारों का विकास मानव सभ्यता की प्रमुख उपलब्धियाँ थीं।
Conclusion
Ancient History Mock Test के माध्यम से आपने प्रागैतिहासिक काल से जुड़े प्रमुख विषयों—पुरापाषाण, मध्यपाषाण और नवपाषाण काल, मानव विकास, पत्थर के औजार, शैलचित्र, आग की खोज, कृषि, पशुपालन तथा प्रमुख पुरातात्त्विक स्थलों—का अभ्यास किया। SSC, UPSC, Railway, Banking, Police, CTET, REET, NDA, CDS, State PCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इन विषयों से नियमित प्रश्न पूछे जाते हैं। इन तथ्यों का निरंतर अभ्यास आपको परीक्षा में तथ्य आधारित प्रश्नों को अधिक सटीकता और आत्मविश्वास के साथ हल करने में सहायता करेगा।